लखनऊ में छेड़छाड़ से परेशान 16 साल की शगुन ने दी जान, दरोगा निलंबित, मुख्य आरोपी गिरफ्तार
Lucknow News: लखनऊ के मलिहाबाद में 16 वर्षीय किशोरी की आत्महत्या के मामले ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि गांव का एक युवक किशोरी को लंबे समय से परेशान कर रहा था। परिवार का दावा है कि उन्होंने करीब पांच महीने तक पुलिस से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। सोमवार को किशोरी शगुन ने आत्महत्या कर ली।
घटना के बाद मलिहाबाद पुलिस ने चार नामजद आरोपियों हंस कुमार, विनय कुमार, रामलली और श्यामसुंदर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मामले की शुरुआती जांच में लापरवाही सामने आने पर कसमंडी कलां चौकी इंचार्ज विवेक कुमार को पुलिस उपायुक्त ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। वहीं, पुलिस ने मुख्य आरोपी हंस कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पांच महीने तक शिकायत लेकर थाने और चौकी के चक्कर काटता रहा परिवार
मामला मलिहाबाद क्षेत्र के एक गांव का है। मृतका के पिता ने आरोप लगाया कि गांव का युवक उनकी बेटी के साथ छेड़छाड़ कर उसे परेशान करता था। इस संबंध में उन्होंने करीब पांच महीने पहले कसमंडी कलां चौकी और मलिहाबाद थाने में शिकायत दी थी।
परिजनों का कहना है कि उन्होंने कई बार तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की, लेकिन चौकी इंचार्ज विवेक कुमार ने उनकी शिकायत पर ध्यान नहीं दिया। परिवार ने आईजीआरएस पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिला।
पिता का आरोप है कि अगर पुलिस समय रहते शिकायत पर कार्रवाई करती और मुकदमा दर्ज कराती, तो शायद उनकी बेटी को यह कदम नहीं उठाना पड़ता। सोमवार को किशोरी की मौत के बाद पुलिस प्रशासन में हलचल मच गई।
जांच में चौकी इंचार्ज की लापरवाही आई सामने
घटना के बाद एसीपी मलिहाबाद ने मामले की जांच की। इसमें चौकी इंचार्ज विवेक कुमार की लापरवाही सामने आने की बात कही गई। इसके बाद पुलिस उपायुक्त ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
हालांकि, इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों के बीच सवाल भी उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब परिवार पांच महीने तक शिकायत करता रहा और पुलिस ने समय पर कार्रवाई नहीं की, तो संबंधित दरोगा के खिलाफ केवल निलंबन की कार्रवाई पर्याप्त है या नहीं, इसकी भी जांच होनी चाहिए।
कुछ लोगों ने यह सवाल भी उठाया कि क्या दरोगा को निलंबित करके बचाने की कोशिश की गई है? उनका कहना है कि जिस तरह अन्य नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है, उसी तरह लापरवाही के आरोपों को लेकर दरोगा की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए। हालांकि, दरोगा के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की जानकारी स्रोत में नहीं दी गई है।
मुख्य आरोपी हंस कुमार गिरफ्तार
किशोरी की मौत के मामले में मलिहाबाद पुलिस ने हंस कुमार, विनय कुमार, रामलली और श्यामसुंदर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस ने मुख्य आरोपी हंस कुमार को गिरफ्तार कर लिया। उसका चिकित्सीय परीक्षण कराने के बाद उसे जेल भेज दिया गया है।
फिलहाल मामले में पुलिस की कार्रवाई जारी है। इस घटना ने एक बार फिर शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई और पुलिस की जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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