वेंटिलेटर से हटाया, हालत बिगड़ी तो भी नहीं पहुंचे डॉक्टर! KGMU में 6 साल की बच्ची की मौत पर बवाल
KGMU Child Death Case in Lucknow: लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में छह साल की बच्ची की मौत के बाद मंगलवार सुबह जमकर हंगामा हुआ। परिजनों ने डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया। परिवार का कहना है कि बच्ची को वेंटिलेटर सपोर्ट से हटाकर सामान्य वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया, जहां ऑक्सीजन की भी व्यवस्था नहीं थी। सांस लेने में तकलीफ होने पर परिजन डॉक्टरों से मदद मांगते रहे, लेकिन आरोप है कि कोई उसे देखने नहीं आया।
मृत बच्ची की पहचान गोमतीनगर के विकल्प खंड निवासी आरोही साहू (Aarohi Sahu) के रूप में हुई है। उसे गिलियन-बैरे सिंड्रोम नाम की दुर्लभ न्यूरोलॉजिकल बीमारी थी। पिता बैजनाथ साहू ने बताया कि 27 सितंबर को बेटी की हालत बिगड़ने पर उसे KGMU ट्रॉमा सेंटर के चौथे तल पर लाया गया था। घंटों इंतजार के बाद उसे भर्ती किया गया।
वेंटिलेटर से हटाकर वार्ड में किया था शिफ्ट
परिजनों के मुताबिक, करीब एक महीने 10 दिन तक इलाज चलने के बाद आरोही की सेहत में कुछ सुधार हुआ था। इसके बाद उसे वेंटिलेटर से हटाकर बाल रोग विभाग के सामान्य वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। परिवार का आरोप है कि वहां ऑक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी।
मंगलवार सुबह बच्ची को सांस लेने में परेशानी होने लगी। परिजनों ने डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को उसकी बिगड़ती हालत की जानकारी दी। उनका आरोप है कि वे डॉक्टरों के सामने हाथ जोड़कर बच्ची को बचाने की गुहार लगाते रहे, लेकिन समय पर उसे देखने कोई नहीं आया। कुछ देर बाद आरोही की मौत हो गई।
साढ़े चार घंटे तक चला हंगामा, पुलिस ने संभाला मामला
बच्ची की मौत से नाराज परिजनों ने वार्ड में हंगामा शुरू कर दिया। सुनवाई नहीं होने पर उन्होंने 112 नंबर पर फोन कर पुलिस को बुलाया। मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को शांत कराया। अभिषेक साहू ने आरोप लगाया कि पुलिस ने भी डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
दूसरी ओर, इलाज करने वाले डॉक्टर ने आशंका जताई कि रात में खाना खाने के बाद बच्ची लेटी हुई थी। इस दौरान उल्टी होने से खाने का कुछ हिस्सा उसकी सांस की नली में चला गया होगा। सुबह हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। हालांकि, बच्ची की मौत की वास्तविक वजह की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
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