कन्नौज दुष्कर्म मामले में सपा नेता नवाब सिंह यादव को सुप्रीम कोर्ट से झटका, जमानत रद्द

Kannauj News: उत्तर प्रदेश के कन्नौज के चर्चित दुष्कर्म मामले में आरोपी समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व ब्लॉक प्रमुख नवाब सिंह यादव को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। मंगलवार को शीर्ष अदालत ने गैंगस्टर एक्ट के एक मामले में उन्हें मिली जमानत रद्द कर दी। नवाब सिंह यादव फिलहाल बांदा जेल में बंद हैं। उनके खिलाफ इस मामले के अलावा भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।

सदर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र प्रताप के मुताबिक, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 18 अप्रैल को गैंगस्टर एक्ट के मामले में नवाब सिंह यादव को जमानत दी थी। इस आदेश के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को जमानत निरस्त कर दी।

महिला डॉक्टर को धमकाने और गवाहों पर दबाव बनाने का आरोप

पुलिस के मुताबिक, नवाब सिंह यादव के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई दुष्कर्म पीड़िता किशोरी का मेडिकल परीक्षण करने वाली महिला डॉक्टर को धमकाने और उसका बयान बदलवाने के लिए दबाव बनाने के मामले में हुई थी।

पुलिस जांच में डॉक्टर को धमकाने और गवाहों को प्रभावित करने की साजिश सामने आने का दावा किया गया था। इसके बाद नवाब सिंह यादव, उनके भाई नीलू यादव समेत चार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

13 जुलाई 2025 को नवाब सिंह यादव को गैंग का सरगना बताते हुए गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने इस मामले में करीब 550 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी।

11 अगस्त 2024 को दुष्कर्म के आरोप में हुई थी गिरफ्तारी

पुलिस के अनुसार, 11 अगस्त 2024 की रात नवाब सिंह यादव को चौधरी चंदन सिंह महाविद्यालय से किशोरी के साथ दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। जांच में किशोरी को नवाब सिंह यादव के पास ले जाने में उसकी बुआ की भूमिका भी सामने आई थी।

किशोरी के बयान और उसके माता-पिता की ओर से लगाए गए आरोपों के आधार पर पुलिस ने बुआ को भी सह-आरोपी बनाया था। पूछताछ में बुआ ने पुलिस को बताया था कि उसके नवाब सिंह यादव के साथ कई साल से संबंध थे।

पुलिस के मुताबिक, घटना के अगले दिन जब किशोरी को मेडिकल जांच के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, तब नवाब सिंह यादव के भाई ने उसकी बुआ को पैसे का लालच देकर बयान बदलने के लिए कहा था।

इस मामले में किशोरी के बयान अदालत में दर्ज किए जा चुके हैं। पुलिस के मुताबिक, सैंपल का मिलान भी कराया गया था।

15 से ज्यादा आपराधिक मुकदमे दर्ज

पुलिस के अनुसार, नवाब सिंह यादव के खिलाफ 15 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें हत्या के प्रयास, रंगदारी, कब्जा करने और गैंगस्टर एक्ट से जुड़े मामले शामिल हैं।

गैंगस्टर एक्ट के तहत अलग-अलग कोतवाली क्षेत्रों में दो मुख्य मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस इन दोनों मामलों में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। सुप्रीम कोर्ट की ओर से गैंगस्टर मामले में जमानत रद्द किए जाने के बाद नवाब सिंह यादव की कानूनी मुश्किलें बढ़ गई हैं।

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