पूर्वांचल स्टार्टअप संवाद-2026 में सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की बड़ी पहल, दो यूनिवर्सिटी के साथ हुआ एमओयू
Siddharthnagar News: पूर्वांचल में स्टार्टअप, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में सिद्धार्थविश्वविद्यालय, कपिलवस्तु ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रयागराज स्थित प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) विश्वविद्यालय में आयोजित पूर्वांचल स्टार्टअप संवाद-2026 के दौरान सिद्धार्थ विश्वविद्यालय ने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय, लखनऊ और प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) विश्वविद्यालय, प्रयागराज के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की उपस्थिति में संपन्न हुआ।
इस एमओयू का मुख्य उद्देश्य तीनों विश्वविद्यालयों के बीच शैक्षणिक सहयोग बढ़ाने के साथ विद्यार्थियों में नवाचार, स्टार्टअप और उद्यमशीलता की भावना विकसित करना है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को अपने नए विचारों को व्यावहारिक रूप देने, स्टार्टअप स्थापित करने और उद्योग जगत से जुड़ने के बेहतर अवसर मिल सकेंगे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने कहा कि विश्वविद्यालयों में नवाचार और उद्यमिता की संस्कृति विकसित करना समय की आवश्यकता है। विद्यार्थियों को केवल नौकरी पाने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनना चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालयों से स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और सामाजिक समस्याओं के समाधान के लिए युवाओं को नए प्रयोग करने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।

सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. कविता शाह ने इस समझौते को विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि विश्वविद्यालय नवाचार, स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। एमओयू के जरिए विद्यार्थियों को अपने विचारों को स्टार्टअप में बदलने और उनके व्यावसायिक क्रियान्वयन के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
वहीं, डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जय प्रकाश पांडेय और प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अखिलेश कुमार सिंह ने भी इस पहल को पूर्वांचल के युवाओं के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों के आपसी सहयोग से नवाचार और स्टार्टअप गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के कार्यक्रम नोडल अधिकारी एवं निदेशक आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) प्रो. सौरभ ने कहा कि विश्वविद्यालय में नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, सिद्धार्थ इंक्यूबेशन फाउंडेशन के डॉ. अखिलेश दीक्षित ने कहा कि इस पहल से विद्यार्थियों में स्वरोजगार की भावना विकसित होगी और क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित करने में मदद मिलेगी।

कार्यक्रम में सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की ओर से विद्यार्थियों की टीम ने अपने स्टार्टअप विचारों और नवाचारों का प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल के समक्ष अपने कार्यों एवं नवाचारी प्रयासों की जानकारी प्रस्तुत की। टीम का नेतृत्व प्रो. सौरभ और सिद्धार्थ इंक्यूबेशन फाउंडेशन के प्रभारी डॉ. अखिलेश दीक्षित ने किया।
इस अवसर पर अमित गुप्ता, गौरव, श्याम प्रकाश मिश्रा, वैभव कसौधन एवं आशुतोष श्रीवास्तव ने सिद्धार्थ विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व किया। पूर्वांचल स्टार्टअप संवाद-2026 के माध्यम से विश्वविद्यालयों, स्टार्टअप संस्थानों और उद्यमियों को एक साझा मंच पर जोड़ने का प्रयास किया गया। माना जा रहा है कि यह समझौता सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा और पूर्वांचल में नवाचार, स्वरोजगार तथा रोजगार सृजन को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाएगा।
रिपोर्ट- जाकिर खान
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