Ajinkya Rahane Retirement: अजिंक्य रहाणे ने क्रिकेट को कहा अलविदा, 1072 दिन से थे टीम इंडिया से दूर, इमोशनल पोस्ट किया शेयर
Sports News: भारतीय क्रिकेट के अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है।
2011 में टीम इंडिया के लिए डेब्यू करने वाले रहाणे ने सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो साझा करते हुए अपने फैसले की जानकारी दी। इसके साथ ही उनके 19 साल लंबे क्रिकेट करियर का भी अंत हो गया।
अब वह न तो आईपीएल में और न ही किसी घरेलू टूर्नामेंट में खेलते नजर आएंगे।
अपने वीडियो संदेश में रहाणे ने कहा कि हर शुरुआत का एक अंत होता है और यही जीवन का सत्य है।
उन्होंने कहा कि वह हमेशा सही समय पर फैसले लेने में विश्वास रखते हैं और उन्हें लगता है कि क्रिकेट को अलविदा कहने का यही उचित समय है।
करीब तीन साल से टीम इंडिया से थे बाहर
रहाणे ने भारत के लिए करीब 12 साल तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला। उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ पोर्ट ऑफ स्पेन में खेला गया था।
इसके बाद से वह भारतीय टीम से बाहर चल रहे थे और करीब 1072 दिनों से टीम इंडिया का हिस्सा नहीं थे।
अजिंक्य रहाणे ने भारत के लिए 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 12 शतकों की मदद से 5,077 रन, वनडे में 3 शतकों के साथ 2,962 रन, जबकि टी20 अंतरराष्ट्रीय में 375 रन बनाए।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनके नाम कुल 15 शतक और 8,000 से अधिक रन दर्ज हैं।
आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में भी छोड़ी गहरी छाप
रहाणे का घरेलू क्रिकेट और आईपीएल करियर भी शानदार रहा। उन्होंने 205 फर्स्ट क्लास, 192 लिस्ट-ए और 308 टी20 मुकाबले खेले।
वहीं, आईपीएल में 212 मैचों में 5,367 रन बनाए, जिसमें दो शतक भी शामिल हैं।
BGT जीत से हमेशा याद किए जाएंगे रहाणे
अजिंक्य रहाणे की कप्तानी का सबसे यादगार पल 2020-21 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी रहा। एडिलेड टेस्ट में भारत के 36 रन पर ऑलआउट होने और विराट कोहली की अनुपस्थिति के बाद रहाणे ने टीम की कमान संभाली।
उनकी कप्तानी में भारत ने शानदार वापसी करते हुए ऑस्ट्रेलिया को उसी की धरती पर 2-1 से हराकर ऐतिहासिक सीरीज अपने नाम की। यह जीत भारतीय क्रिकेट इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिनी जाती है।
रहाणे को उनकी शांत नेतृत्व क्षमता, तकनीकी बल्लेबाजी और टीम के प्रति समर्पण के लिए हमेशा याद किया जाएगा। उनके संन्यास के साथ भारतीय क्रिकेट के एक महत्वपूर्ण अध्याय का भी अंत हो गया।

