नंदी के बहाने अखिलेश का सीएम योगी पर तीखा हमला, बोले- घटिया एक्सप्रेसवे बनने का टारगेट पूरा होने के बाद छीना विभाग
Lucknow News: उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) की कमान कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल नंदी से लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा अपने हाथों में लिए जाने के बाद राज्य की राजनीति में उबाल आ गया है। इस प्रशासनिक फेरबदल पर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने मंगलवार को मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी पर चौतरफा हमला बोला। इस फैसले को सीधे तौर पर भ्रष्टाचार और आपसी लेनदेन से जोड़ते हुए अखिलेश ने बिना नाम लिए मंत्री नंदी पर तंज कसा कि अभी सिर्फ हाफ हुए हैं, विधानसभा में टिकट नहीं मिला तो पूरी तरह साफ हो जाएंगे। सपा प्रमुख ने कहा कि जब सूबे के सारे घटिया एक्सप्रेसवे बनकर तैयार हो गए और भ्रष्टाचार का टारगेट पूरा हो गया, तब इस विभाग को हटाने का क्या मतलब रह जाता है?
प्रयागराज की सभी सीटों पर टिकट काटेगी भाजपा
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर दावा किया कि भाजपा प्रयागराज (इलाहाबाद) की सभी सीटों पर अपने मौजूदा विधायकों और प्रत्याशियों के टिकट काटने जा रही है। उन्होंने लिखा, भाजपा को अच्छी तरह मालूम हो चुका है कि उसके विधायक सिर्फ अपनी जेबें भरने में लगे रहे, जिसकी वजह से लोकसभा सीट हाथ से निकल गई।
सपा प्रमुख के मुताबिक, यही फॉर्मूला उत्तर प्रदेश की उन सभी 43 लोकसभा सीटों पर भी लागू किया जा रहा है जहां विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन ने जीत दर्ज की थी, साथ ही उन 9-10 सीटों पर भी विचार हो रहा है जहाँ भाजपा ने कथित तौर पर हेरफेर करके जीत हासिल की थी। इस हिसाब से प्रदेश की करीब 225 सीटों पर भाजपा अपने उम्मीदवार बदलने की तैयारी में है।
जनता का गुस्सा उफान पर: अखिलेश
सपा मुखिया ने आगे कहा कि जमीनी हकीकत यह है कि भाजपा के मौजूदा विधायक खुद भी आगामी चुनाव लड़ने के इच्छुक नहीं हैं, क्योंकि पीडीए (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) की एकजुटता के आगे अब उनके जीतने की कोई उम्मीद नहीं बची है। भाजपा के कोर वोटर अब एक-चौथाई भी नहीं बचे हैं, इसलिए विधायक हारे हुए चुनाव में अपनी पुरानी कमाई गंवाना नहीं चाहते, बल्कि उसे भविष्य के लिए बचाकर रखना चाहते हैं। अखिलेश ने आरोप लगाया कि सूबे में बेलगाम महंगाई, बेरोजगारी, पेपर लीक, संविधान की अवहेलना, आरक्षण की हक़मारी, कानून-व्यवस्था की बदहाली और जमीनों पर कब्जे जैसी दमनकारी नीतियों की वजह से जनता का आक्रोश सातवें आसमान पर है और विधायकों ने जनता के इस गुस्से को भांप लिया है।
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