जयहिंद संवाद में सरकारी स्कूलों की स्थिति, शिक्षकों की कमी और स्पेशल चाइल्ड की शिक्षा पर उठी आवाज
Lucknow News: राजधानी लखनऊ में 2 अगस्त को आयोजित जयहिंद संवाद के सातवें चरण में उत्तर प्रदेश की प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था, उसकी वर्तमान स्थिति और चुनौतियों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम के संयोजक जाहिद अली ने सभी अतिथियों का स्वागत एवं परिचय कराया। विषय प्रस्तावक फरहत कासिम ने मानव निर्माण और चरित्र निर्माण में शिक्षा के सर्वकालीन एवं सार्वभौमिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए संवाद की शुरुआत की।
संवाद में डालीगंज स्थित प्राथमिक विद्यालय के शिक्षामित्र उबैद सिद्दीकी ने व्यावहारिक अनुभव साझा करते हुए बताया कि पूर्ववर्ती वर्षों की तुलना में अब सरकारी प्राथमिक स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर और पठन-पाठन के माहौल में सराहनीय सुधार आया है। हालांकि, उन्होंने ध्यान आकर्षित किया कि विशेषकर शहरी क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी एक गंभीर चुनौती बनी हुई है, जिससे शैक्षणिक गुणवत्ता प्रभावित होती है।
आदर्श संग्राम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौतम भारती ने बड़ा सवाल उठाते हुए कहा कि देश के शीर्ष नीति निर्माताओं, अधिकारियों और राजनेताओं के बच्चे बड़े-बड़े निजी स्कूलों में पढ़ते हैं, फिर सरकारी स्कूलों की स्थिति कैसे सुधरेगी? उन्होंने शिक्षा के अधिकार (RTE) कानून की कुछ व्यावहारिक सीमाओं पर भी टिप्पणी की। वहीं, पार्टी की महिला मोर्चा अध्यक्षा अंजना भारती ने कहा कि निजी स्कूल केवल व्यावसायिक लाभ कमाने में लगे हैं, इसलिए देश के करोड़ों गरीब और मध्यमवर्गीय बच्चों के लिए विश्वस्तरीय सरकारी स्कूलों का होना बेहद जरूरी है।
स्पेशल चाइल्ड की शिक्षा राष्ट्रीय समस्या
कार्यक्रम में स्पेशल चाइल्ड एजुकेटर स्मिता पांडेय ने बौद्धिक व मानसिक चुनौतियों से जूझ रहे बच्चों की बढ़ती संख्या को एक राष्ट्रीय विषय बताया। उन्होंने मांग की कि सरकारों को ऐसे विशेष बच्चों की पढ़ाई और पुनर्वास के लिए ठोस नीति बनानी होगी। प्रतीक पांडेय ने कहा कि बदलाव की शुरुआत खुद से करते हुए अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में भेजने की पहल करनी होगी। वहीं, समाजसेवी वीएम श्रीवास्तव ने विशेष बच्चों के प्रति समाज में संवेदनशीलता और जागरूकता लाने के लिए सामाजिक आंदोलन चलाने की बात कही। व्यंग्यकार अनिल अनाड़ी ने अपनी व्यंग्य रचना के जरिए शिक्षा व स्वास्थ्य क्षेत्र में व्याप्त सामाजिक विसंगतियों पर कटाक्ष किया।
15 अगस्त को होगा जयहिंद संवाद का आठवां चरण
कार्यक्रम के अंत में संयोजक जाहिद अली ने जानकारी दी कि जयहिंद संवाद का आठवां चरण आगामी 15 अगस्त, 2026 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित किया जाएगा। यह आगामी सत्र लखनऊ में स्वाधीनता संग्राम से जुड़ी ऐतिहासिक विरासतों व धरोहरों के संरक्षण और उनके ऐतिहासिक महत्व पर केंद्रित होगा।

