‘देखता हूं परसों मेरा जहाज उतरने देते हैं या नहीं’, जेवर एयरपोर्ट को लेकर बोले अखिलेश यादव
28 को पीएम करेंगे उद्घाटन, 29 को दादरी में अखिलेश की 'शंखनाद' रैली
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के जेवर में निर्मित ‘नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ के उद्घाटन से ठीक पहले प्रदेश की सियासत गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार को सीधी चुनौती देते हुए कहा है कि वह 29 मार्च को जेवर एयरपोर्ट पर अपना जहाज उतारना चाहते हैं। एक टीवी इंटरव्यू के दौरान उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “देखता हूं परसों मेरा जहाज उतरने देते हैं कि नहीं, क्योंकि पहले भी कई बार मेरा प्लेन रोका जा चुका है।”
सपा ने बढ़ाई थी जेवर की फाइल
अखिलेश यादव ने जेवर एयरपोर्ट के इतिहास पर चर्चा करते हुए वर्तमान सरकार के दावों पर सवाल उठाए। अखिलेश ने कहा कि यह मायावती जी के समय का प्रोजेक्ट था जो रुक गया था। उन्होंने दावा किया कि यदि किसी सरकार ने इस फाइल को दोबारा आगे बढ़ाया, तो वह समाजवादी सरकार थी। सपा प्रमुख के अनुसार, उन्होंने जेवर के साथ सैफई और आगरा (हिरन गांव) के पास भी एयरपोर्ट की मांग की थी, लेकिन केंद्र ने केवल जेवर को हरी झंडी दी। अखिलेश ने मांग की कि उद्घाटन समारोह में उन किसानों को सबसे अगली पंक्ति में बिठाया जाना चाहिए जिनकी जमीनें इस प्रोजेक्ट के लिए ली गई हैं।
मिशन 2027: दादरी से होगा शंखनाद
28 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एयरपोर्ट के लोकार्पण के ठीक अगले दिन, 29 मार्च को अखिलेश यादव गौतमबुद्ध नगर के मिहिर भोज डिग्री कॉलेज मैदान में एक विशाल रैली करने जा रहे हैं। इस रैली को 2027 विधानसभा चुनाव का ‘शंखनाद’ माना जा रहा है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 32 जिलों की 140 विधानसभा सीटों पर अपनी ताकत दिखाने के लिए सपा ने पूरी ताकत झोंक दी है। बूथ स्तर की कमेटियों और पदाधिकारियों को इस ‘शक्ति प्रदर्शन’ के लिए सक्रिय कर दिया गया है।
‘अनुमति मिली तो मानूंगा एयरपोर्ट चालू है’
अखिलेश यादव ने लखनऊ में प्रेस वार्ता के दौरान स्पष्ट कहा कि उन्होंने 29 मार्च की सभा के लिए जेवर एयरपोर्ट पर उतरने की अनुमति मांगी है। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, “अगर अनुमति मिली, तो मान लूंगा कि एयरपोर्ट वाकई चालू हो गया है।”
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दादरी की यह रैली पश्चिमांचल की राजनीति में सपा की दावेदारी को नई दिशा दे सकती है। अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि क्या प्रशासन अखिलेश यादव के विमान को जेवर की नई हवाई पट्टी पर उतरने की इजाजत देता है या नहीं।

