नोएडा हिंसा को लेकर अखिलेश यादव बोले- ये सरकार की एकतरफा नीतियों का नतीजा
Sandesh Wahak Digital Desk: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मेरठ में व्यापारियों के आंदोलन और नोएडा में श्रमिकों की हिंसा को लेकर भाजपा सरकार पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। अखिलेश ने मेरठ को ‘नया आर्थिक स्वतंत्रता आंदोलन’ का केंद्र बताते हुए दावा किया कि यहीं से भाजपा के ‘निर्णायक अंत’ की शुरुआत होगी।
मेरठ से उठेगी ‘आर्थिक क्रांति’ की लहर
मेरठ के सेंट्रल मार्केट में हो रही तोड़फोड़ और व्यापारियों के विरोध पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने 1857 की क्रांति का जिक्र किया। उन्होंने कहा “1857 के बाद अब मेरठ से एक और स्वतंत्रता आंदोलन जन्मेगा, जो आज के साम्राज्यवादी सत्ताधारी गिरोह के खिलाफ होगा।” सपा प्रमुख ने भाजपा के साथ खड़े व्यापारियों को आगाह करते हुए कहा कि भाजपा किसी की सगी नहीं है। वह सिर्फ चंदे और कमीशन के धन की सगी है। आज जो व्यापारी उनके साथ हैं, कल वे भी इन गलत नीतियों की बलि चढ़ेंगे।
"अन्याय महंगाई, बेरोजगारी बढ़ाकर हो रहा है। नोएडा में जो हुआ उसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की और सरकार की है। मजदूरों की मांग की सरकार ने सुनवाई क्यों नहीं की? अन्य प्रदेशों में जब मजदूरों का वेतन बढ़ गया तो उत्तर प्रदेश की सरकार पीछे क्यों है?"
माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री… pic.twitter.com/MyL6Tun9Fv
— Samajwadi Party (@samajwadiparty) April 13, 2026
नोएडा हिंसा पर सरकार को घेरा
नोएडा फेज-2 में हुए उग्र श्रमिक आंदोलन पर अखिलेश ने कहा कि यह सरकार की एकतरफा नीतियों का नतीजा है। “भाजपाई चंदा देने वाले पूंजीपतियों के एटीएम में तो पैसे भर रहे हैं, लेकिन मजदूरों के वेतन के लिए इनके पास पैसे नहीं हैं। बेतहाशा महंगाई में कम वेतन में घर चलाना नामुमकिन है, जिसे सिर्फ एक परिवार वाला ही समझ सकता है।”
‘खरबपतियों के कब्जे में देश की अर्थव्यवस्था’
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा ने पहले काले कानूनों से खेती खत्म करने की कोशिश की और अब मल्टीनेशनल कंपनियों के इशारे पर भारत का परंपरागत व्यापार खत्म कर रही है। उनके अनुसार, भाजपा का बुलडोजर दुकानों पर नहीं बल्कि देश की आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था पर चल रहा है। उन्होंने कहा कि रेहड़ी-पटरी वाले से लेकर बड़े उद्यमी तक इस ‘आर्थिक गुलामी’ के खिलाफ एकजुट होंगे।

