‘भाजपा को डर है कि…’ महिला आरक्षण को लेकर अखिलेश यादव का बड़ा हमला
Sandesh Wahak Digital Desk: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने महिला आरक्षण बिल को लेकर भाजपा सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि बिल लाने में दिखाई जा रही जल्दबाजी इस बात का प्रतीक है कि भाजपा अपनी गिरती राजनीतिक जमीन से डरी हुई है और अब उसके जाने का समय आ गया है।
‘जनगणना टालने की बड़ी साजिश’
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा इस बिल के बहाने जनगणना को टालना चाहती है। उन्होंने कहा “भाजपा को डर है कि यदि जनगणना हुई तो जातिगत जनगणना की मांग उठेगी और पिछड़ों को उनका असली हक देना पड़ेगा, जो भाजपा कभी नहीं चाहती।” उन्होंने इसे पिछड़ों का अधिकार लूटने वाला षड्यंत्र करार देते हुए कहा कि आनुपातिक प्रतिनिधित्व के आधार पर ही इसे लागू किया जाना चाहिए।
PDA में ‘A’ का मतलब ‘आधी आबादी’
सपा अध्यक्ष ने अपने विजन ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) को दोहराते हुए कहा कि इसमें ‘A’ का एक अर्थ ‘आधी आबादी’ यानी महिलाएं भी हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा का यह बिल पीडीए का हक मारने की एक बड़ी साजिश का हिस्सा है। “भाजपा राज में सबसे ज्यादा दुखी महिलाएं ही हैं। कमीशनखोरी और चंदा वसूली के कारण बढ़ी महंगाई ने उनकी रसोई सूनी कर दी है और सिलेंडर की कीमतों ने कमर तोड़ दी है।”
मेरठ और नोएडा की महिलाओं का दिया हवाला
अखिलेश यादव ने महिलाओं के दर्द को जमीन से जोड़ते हुए कहा कि मेरठ के दुकानदारों के परिवारों के आंसू और नोएडा की महिला मजदूरों व मेड के रूँधे गले के बयान भाजपा के दावों की पोल खोल रहे हैं। उन्होंने चुनौती दी कि “अगर यह बिल वाकई सही है, तो इसे मेरठ और नोएडा की उन कामगार महिलाओं के बीच बैठकर घोषित किया जाए जो भाजपा की नीतियों से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।”
‘पीडीए प्रहरी’ से डरी भाजपा
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘पीडीए प्रहरी’ के विचार को अब हर दल और प्रदेश ने स्वीकार कर लिया है। भाजपा की चुनावी हेराफेरी पर अब हर तरफ से नजर रखी जा रही है, इसीलिए वोटरों के अकाल से जूझ रही भाजपा निराशा में यह बिल लेकर आई है। उन्होंने इसे ‘खुफिया लोगों की गुप्त योजना’ बताते हुए प्रक्रिया में सुधार की मांग की।
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