डिजिटल होगी बरेली पुलिस, थानों के मुंशी से लेकर कप्तानों तक को मिला ई-साइन और यक्ष ऐप के SOS फीचर का प्रशिक्षण

Bareilly News: पुलिसिंग को अधिक पारदर्शी, तकनीकी रूप से सक्षम और त्वरित बनाने के लिए बरेली पुलिस ने एक बड़ी डिजिटल पहल की है। पुलिस अधीक्षक (यातायात) अकमल खान के नेतृत्व में मंगलवार रात गूगल मीट के माध्यम से एक विशेष ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस हाईटेक पाठशाला में जिले के समस्त क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी, जांच अधिकारी, बीट प्रभारी, यूपी-112 पीआरवी कर्मी, थानों के मुंशी और कंप्यूटर ऑपरेटरों ने हिस्सा लिया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पुलिस की कार्यप्रणाली को पूरी तरह पेपरलेस और आधुनिक बनाना था।

यक्ष ऐप का SOS फीचर बजाएगा अलर्ट सायरन

इस कार्यशाला में ‘यक्ष ऐप’ के दो बेहद महत्वपूर्ण और नए फीचर्स ब्रॉडकास्ट और एसओएस के बारे में पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया गया। अब अधिकारी किसी भी अभियान या सामान्य दिशा-निर्देश को ‘ब्रॉडकास्ट’ के जरिए रियल टाइम में अपने मातहतों को भेज सकेंगे। वहीं, किसी आपातकालीन या सनसनीखेज वारदात की स्थिति के लिए SOS फीचर तैयार किया गया है। इसके जरिए जैसे ही कोई महत्वपूर्ण निर्देश भेजा जाएगा, बीट स्तर तक तैनात पुलिसकर्मियों के फोन पर पुलिस सायरन बज उठेगा, जिससे पूरी फोर्स एक साथ एक्टिव होकर मोर्चा संभाल सकेगी।

FIR और चार्जशीट पर अब होंगे डिजिटल सिग्नेचर

पुलिसिंग को पूरी तरह हाईटेक करते हुए अब CCTNS सॉफ्टवेयर के माध्यम से एफआईआर, चार्जशीट और फाइनल रिपोर्ट पर ई-साइन की प्रक्रिया को अनिवार्य किया जा रहा है। थाना प्रभारी अब इन कानूनी दस्तावेजों पर डिजिटल हस्ताक्षर कर सकेंगे। भविष्य में जैसे ही इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम पूरी तरह से सक्रिय होगा, इस डिजिटल सिग्नेचर की उपयोगिता और ज्यादा बढ़ जाएगी।

UP-112 की होगी 24 घंटे मॉनिटरिंग, गिरफ्तारी के नियमों में भी बदलाव

कार्यशाला के दौरान यूपी-112 के प्रभावी संचालन के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) समझाई गई। अब पीआरवी कमांडर से लेकर थाना प्रभारी और यूपी-112 निरीक्षक की गतिविधियों की वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा चौबीसों घंटे (24×7) लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी। इसके अलावा, पुलिसकर्मियों को गिरफ्तारी और बरामदगी मेमो तैयार करने के लिए डीजीपी के नए परिपत्र (25/2025 एवं 08/2026) के तहत कानूनी प्रारूपों को सही तरीके से भरने का कड़ा प्रशिक्षण भी दिया गया।

रिपोर्ट- रंजीत बिसारिया

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