यूपी के नगर निगमों में अब आधे घंटे में मिलेंगे बर्थ-डेथ सर्टिफिकेट, योगी सरकार शुरू करेगी वन डे गवर्नेंस सेंटर
Lucknow News: उत्तर प्रदेश के नागरिकों को अब जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने या फिर मकान-जमीन का दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) कराने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने जनता को इस परेशानी से परमानेंट राहत देने के लिए प्रदेश के सभी नगर निगमों में वन डे गवर्नेंस सेंटर शुरू करने का एक बड़ा फैसला किया है। राज्य के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने मंगलवार को इस जन-उपयोगी पहल की घोषणा की। इन सेंटर्स के जरिए आम जनता से जुड़े बेहद जरूरी और रोजमर्रा के कागजी काम सिर्फ एक ही दिन में पूरे किए जाएंगे।
लखनऊ में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री एके शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार नगर निकायों से मिलने वाली सुविधाओं को अधिक तेज, पारदर्शी और पूरी तरह पब्लिक फ्रेंडली बनाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने बताया कि इस नई व्यवस्था के तहत लखनऊ में सेंटर पूरी तरह तैयार हो चुका है, जबकि प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर जैसे बड़े शहरों में भी इसे जल्द से जल्द क्रियान्वित करने की तैयारी चल रही है। यह ऐलान लखनऊ की महापौर (मेयर) के तीन साल का कार्यकाल पूरा होने के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में किया गया, जहां खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे।
गुजरात का वन डे गवर्नेंस मॉडल यूपी में होगा लागू
नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने इस योजना की पृष्ठभूमि बताते हुए कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने गुजरात के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान वहां वन डे गवर्नेंस सिस्टम की शुरुआत की थी, जिस पर हमें काम करने का अनुभव है। अब हम उसी सफल मॉडल को उत्तर प्रदेश में उतारने जा रहे हैं। हमारा लक्ष्य है कि किसी भी नागरिक को अपने सर्टिफिकेट के लिए दो दिन, चार दिन या हफ्तों तक भटकना न पड़े। दफ्तर आने वाले व्यक्ति को ससम्मान बैठाया जाएगा और महज आधे घंटे के भीतर उसका प्रमाण पत्र सौंप दिया जाएगा। अगर कोई मामला थोड़ा पेचीदा हुआ, तो आवेदक से लंच के बाद आने को कहा जाएगा, लेकिन काम उसी दिन शाम तक हर हाल में पूरा कर दिया जाएगा।
बुजुर्गों को मिलेगी वीआईपी सुविधा, ऑनलाइन की झंझट से मुक्ति
यह नई व्यवस्था उन लोगों के लिए सबसे ज्यादा मददगार साबित होगी जो तकनीक से दूर हैं या ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग करने में असहज महसूस करते हैं। लखनऊ नगर निगम द्वारा स्थापित इस पहले आधुनिक सेंटर में वरिष्ठ नागरिकों (सीनियर सिटीजन) के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। वहां उनके बैठने के लिए बेहतरीन लाउंज और चाय-पानी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। मंत्री शर्मा ने जोर देकर कहा कि अगर हम शहरों को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित कर रहे हैं, तो प्रशासनिक गवर्नेंस का भी स्मार्ट होना बेहद जरूरी है। सरकार का अंतिम उद्देश्य यूपी के शहरों को सिर्फ स्मार्ट ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर (ग्लोबल सिटी) का बनाना है।
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