असम चुनाव के लिए BJP ने जारी किया 31 वादों वाला संकल्प पत्र, जानें क्या है खास

Sandesh Wahak Digital Desk: भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को असम विधानसभा चुनाव 2026 (Assam Elections) के लिए अपना संकल्प पत्र जारी कर दिया है। इस घोषणापत्र में 31 प्रमुख वादे किए गए हैं, जिनमें असम के मूल निवासियों की जमीन वापस लौटाने, उनकी विरासत और गरिमा की रक्षा करने के साथ-साथ अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संकल्प शामिल है।

निर्मला सीतारमण ने जारी किया घोषणापत्र

घोषणापत्र को निर्मला सीतारमण ने जारी किया। इस दौरान हिमांता बिस्वा सरमा और सर्वानंद सोनोवाल भी मौजूद रहे। ‘संकल्प पत्र’ में सांस्कृतिक, आर्थिक और शासन से जुड़े वादों का मिश्रण देखने को मिला, जिसका उद्देश्य राज्य में पार्टी की स्थिति को और मजबूत करना है।

बीजेपी ने अपने संकल्प पत्र में 12 सूत्रीय एजेंडा को प्रमुखता दी है और दावा किया है कि ये संकल्प असम को सुरक्षित, विकसित और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में नई दिशा तय करेंगे। पार्टी ने जीत की हैट्रिक लगाने के लिए बड़े चुनावी वादों के जरिए मतदाताओं को साधने की कोशिश की है।

आर्थिक विकास और निवेश पर बड़ा फोकस

आर्थिक मोर्चे पर पार्टी ने असम को भारत का ‘पूर्वी प्रवेश द्वार’ बनाने के लिए 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश का वादा किया है। इसके साथ ही ‘असम गति शक्ति मास्टर प्लान’ के जरिए बुनियादी ढांचे के विकास, परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और युवाओं के लिए रोजगार सृजन पर जोर दिया गया है। पार्टी नेतृत्व ने अपने 10 साल के शासनकाल को “परिवर्तन का दशक” करार दिया है।

बाढ़ नियंत्रण, शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष जोर

संकल्प पत्र में असम को बाढ़-मुक्त बनाने के लिए 18,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के साथ ‘बाढ़ मुक्त असम मिशन’ शुरू करने का वादा किया गया है। शिक्षा के क्षेत्र में ‘एक जिला, एक विश्वविद्यालय’ पहल के साथ हर जिले में मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की बात कही गई है। स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश बढ़ाकर चिकित्सा बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।

रोजगार, महिलाओं और किसानों के लिए योजनाएं

बीजेपी ने युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने, महिलाओं की सुरक्षा और आर्थिक स्वतंत्रता को मजबूत करने तथा किसानों की आय सुरक्षा को सुदृढ़ करने का वादा किया है। इसके साथ ही चावल, मसूर दाल, चीनी और नमक रियायती दरों पर उपलब्ध कराने और गरीब परिवारों को मुफ्त राशन देने की योजना जारी रखने की बात कही गई है।

जनजातीय और सामाजिक समूहों के लिए प्रावधान

संकल्प पत्र में कई समुदायों को अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची में शामिल कराने के लिए केंद्र सरकार से अनुरोध करने की बात कही गई है। इसके साथ ही जनजातीय और मूल निवासियों के लिए समावेशी विकास और भूमि सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।

पर्यटन, उद्योग और बुनियादी ढांचे के विकास की योजना

राज्य को प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए ‘असोम पर्यटन विकास अभियान’ शुरू करने का प्रस्ताव है। साथ ही नए उद्योगों को प्रोत्साहन, स्थानीय युवाओं के लिए वेतन सब्सिडी और चाय बागान समुदायों के समग्र विकास की दिशा में काम करने की बात कही गई है।

आवास, बुनकरों और क्षेत्रीय विकास पर भी ध्यान

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अतिरिक्त 15 लाख घरों का निर्माण कराने, ‘निजुट सिपिनी’ योजना के जरिए 10 लाख बुनकरों को वित्तीय सहायता देने और बराक घाटी के समग्र विकास की योजना भी शामिल है। इसके अलावा डिब्रूगढ़ को असम की दूसरी राजधानी के रूप में विकसित करने का भी संकल्प लिया गया है।

अर्थव्यवस्था को दोगुना करने का लक्ष्य

बीजेपी ने 2031 तक राज्य की अर्थव्यवस्था को 150 अरब डॉलर तक पहुंचाने और 2036 तक इसे 300 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही सुशासन, कानून-व्यवस्था और सरकारी कर्मचारियों के कल्याण को प्राथमिकता देने की बात कही गई है।

इस प्रकार बीजेपी का यह संकल्प पत्र असम में विकास, सांस्कृतिक संरक्षण और आर्थिक मजबूती के व्यापक एजेंडे को सामने रखता है, जिसके जरिए पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में जनता का समर्थन हासिल करने की कोशिश कर रही है।

 

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