Lucknow में BJP का बनेगा नया किला, हेलीपैड वाला 6 मंजिला मुख्यालय होगा तैयार
BJP new State Headquarters in Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ जल्द ही एक नए और भव्य राजनीतिक केंद्र का गवाह बनने जा रही है। भारतीय जनता पार्टी ने लखनऊ के जियामऊ इलाके में 5500 वर्गमीटर जमीन 45 करोड़ रुपये में खरीद ली है, और इसी भूखंड पर पार्टी का नया प्रदेश मुख्यालय बनकर तैयार होगा। देश की राजधानी दिल्ली में आलीशान राष्ट्रीय कार्यालय के बाद अब लखनऊ में भी BJP एक ऐसा केंद्र खड़ा करने की तैयारी में है जो न सिर्फ संगठनात्मक ताकत का प्रतीक होगा, बल्कि प्रदेश की राजनीति का सबसे अहम पता भी बनेगा।
यह जमीन लखनऊ विकास प्राधिकरण यानी LDA की ऑनलाइन ई-नीलामी के जरिए मिली। नीलामी में तीन बड़े और नामी बिल्डर समूह भी शामिल थे, लेकिन BJP ने सबसे ऊंची बोली लगाकर यह भूखंड अपने नाम करा लिया। खास बात यह है कि LDA ने यह जमीन नगर निगम से महज 29 करोड़ रुपये में खरीदी थी और BJP को 45 करोड़ में बेचने से प्राधिकरण को 16 करोड़ रुपये का सीधा अतिरिक्त राजस्व मिला। अधिकारियों का कहना है कि सीधे हस्तांतरण की बजाय खुली नीलामी का रास्ता अपनाने से भविष्य में किसी भी कानूनी या प्रशासनिक विवाद की संभावना भी काफी कम हो जाती है।
BJP के इस मुख्यालय में क्या होगा खास?
पार्टी सूत्रों के मुताबिक इस भूखंड पर 6 मंजिला अत्याधुनिक भवन बनाने की योजना तैयार की जा रही है। इसमें प्रशासनिक कार्यालय, बड़े बैठक कक्ष, सम्मेलन हॉल और तमाम आधुनिक सुविधाएं शामिल होंगी। लेकिन जो बात सबसे ज्यादा चर्चा में है वो है इमारत की सबसे ऊपरी मंजिल पर बनने वाला हेलीपैड। इसके पीछे मकसद साफ है। राष्ट्रीय स्तर के बड़े नेता जब लखनऊ आएं तो वो सीधे मुख्यालय की छत पर उतर सकें और उनकी आवाजाही आसान हो सके।

जियामऊ का यह खसरा नंबर 196 का भूखंड अब प्रदेश की राजनीति का नया केंद्र बनने वाला है। मुख्यालय के बनने के बाद यहाँ से BJP की संगठनात्मक गतिविधियों के साथ-साथ राजनीतिक फैसले भी लिए जाएंगे, जिससे यह परिसर राजधानी के सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक ठिकानों में शुमार हो जाएगा।
इस जमीन का दिलचस्प इतिहास
इस भूखंड की कहानी भी काफी उतार-चढ़ाव भरी रही है। साल 2020 में नगर निगम ने यही करीब 5500 वर्गमीटर जमीन दीनदयाल उपाध्याय सेवा न्यास को 90 साल की लीज पर दी थी। बाद में इसे फ्रीहोल्ड करने का प्रस्ताव भी पारित हुआ था ताकि यहाँ BJP का प्रदेश मुख्यालय बन सके। लेकिन 7 अप्रैल को न्यास के सदस्य कृष्ण कुमार दीक्षित ने नगर निगम को पत्र लिखकर बजट की कमी का हवाला देते हुए जमीन वापस करने का फैसला किया। इस एक पत्र ने पूरी प्रक्रिया को नया मोड़ दे दिया।
इसके बाद LDA उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने नगर आयुक्त गौरव कुमार को पत्र भेजकर यह जमीन सर्किल रेट के दोगुने दर पर LDA को देने का अनुरोध किया। नगर निगम सदन ने भी इस प्रस्ताव को मंजूरी दी और इस तरह जमीन LDA के अधिकार में आई, जिसने फिर नीलामी की प्रक्रिया शुरू की और BJP सबसे ऊंची बोली लगाकर विजेता बनी।
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के हवाले से यह भी सामने आ रहा है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष जुलाई में इस मुख्यालय का शिलान्यास कर सकते हैं, हालांकि पार्टी की तरफ से इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अगर यह कार्यक्रम तय हुआ तो यह लखनऊ के लिए एक बड़ा राजनीतिक आयोजन साबित होगा।
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