विश्व स्तनपान सप्ताह पर विशेष संगोष्ठी में बोले विशेषज्ञ, माँ का दूध शिशु का पहला टीका और पहला अधिकार
Kanpur News: विश्व स्तनपान सप्ताह के अंतर्गत एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (कानपुर) द्वारा केशवपुरम स्थित लीला हॉस्पिटल में एक दिवसीय स्तनपान जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। भारत विकास परिषद (आजाद शाखा), नागेश्वर महिला मंडल एवं बचपन प्री-स्कूल के संयुक्त सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग 50 माताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल कीं।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता एवं एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के अध्यक्ष डॉ. जेके गुप्ता ने “Breastfeeding- The Best Start for Baby” विषय पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि माँ का दूध बच्चे के लिए पहला टीका, पहला पोषण और उसका पहला प्राकृतिक अधिकार है। जन्म के 1 घंटे के भीतर स्तनपान शुरू करने और शुरुआती छह महीनों तक केवल माँ का दूध देने से नवजात को दस्त, निमोनिया, सेप्सिस और कुपोषण जैसी गंभीर बीमारियों से सुरक्षा मिलती है। डॉ. गुप्ता ने अपील की कि नवजात को शहद, घुट्टी, गाय-भैंस का दूध या बोतल से दूध देने जैसी कुरीतियों से बचें। 6 माह तक सिर्फ स्तनपान और उसके बाद पूरक आहार के साथ 2 वर्ष या उससे अधिक समय तक स्तनपान जारी रखना चाहिए।
माँ के स्वास्थ्य के लिए भी वरदान है स्तनपान
प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. नीलू श्रीवास्तव ने “Breastfeeding- A Gift for Mother’s Health” विषय पर जानकारी देते हुए बताया कि स्तनपान कराने से माताओं को भी कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं। इससे प्रसवोत्तर रक्तस्राव (Postpartum Bleeding) नियंत्रित होता है, गर्भाशय तेजी से सामान्य आकार में आता है और ब्रेस्ट कैंसर, ओवेरियन कैंसर, टाइप-2 डायबिटीज व मोटापे का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। यह प्रक्रिया माँ और बच्चे के बीच के भावनात्मक रिश्ते को भी मजबूत बनाती है।
चंद्रकांता हॉस्पिटल में हुई ब्रेस्टफीडिंग क्विज और बेस्ट नर्स अवार्ड
इसी कड़ी में सिविल लाइंस स्थित चंद्रकांता हॉस्पिटल में भी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन हुआ। डॉ. एलके निगम, डॉ. सविता रस्तोगी एवं डॉ. वैभव भल्ला के निर्देशन में नर्सिंग स्टाफ और माताओं के लिए स्तनपान प्रश्नोत्तरी (Quiz) प्रतियोगिता आयोजित की गई। विजेताओं को पुरस्कृत किया गया, साथ ही स्वास्थ्य क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए बेस्ट नर्स अवॉर्ड भी प्रदान किया गया।
लीला हॉस्पिटल के निदेशक संजय श्रीवास्तव, डॉ. शिवम श्रीवास्तव और अतिरिक्त निदेशक अन्नपूर्णा श्रीवास्तव ने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में डॉ. ममता श्रीवास्तव, डॉ. नीरू सिकरोरिया और अवंतिका श्रीवास्तव का विशेष सहयोग रहा। एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स ने समाज से आह्वान किया है कि हर माँ का संकल्प- हर शिशु को पहले छह माह तक केवल माँ का दूध के संदेश को एक जन-आंदोलन का रूप दिया जाए।
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