महंगाई पर सरकार का बड़ा प्रहार, पेट्रोल-डीजल पर 10 रुपये घटी एक्साइज ड्यूटी

Sandesh Wahak Digital Desk: मध्य-पूर्व (ईरान-इजरायल) में जारी भीषण जंग और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों के बीच भारत सरकार ने आम आदमी को बड़ी राहत दी है। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) में 10 रुपये प्रति लीटर की भारी कटौती करने का फैसला किया है।

इस कटौती के बाद पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी घटकर महज 3 रुपये प्रति लीटर रह गई है, जबकि डीजल पर इसे घटाकर शून्य (Zero) कर दिया गया है। सरकार का मकसद युद्ध की वजह से कच्चे तेल में आए उछाल के असर को कम करना है। इसके साथ ही सरकार ने विमान ईंधन (ATF) के आयात पर भी टैक्स में राहत दी है।

कंपनियों का घाटा और कच्चे तेल की चाल

कंपनियों पर बोझ: ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को फिलहाल हर लीटर तेल पर करीब ₹48.8 का नुकसान हो रहा है। उम्मीद है कि टैक्स में यह कटौती उनके इस नुकसान की भरपाई में मदद करेगी।

बढ़ती कीमतें: पिछले एक महीने में कच्चा तेल (Brunt Crude) करीब 40% महंगा हो चुका है और फिलहाल 101 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर बना हुआ है।

घबराएं नहीं, हमारे पास 60 दिनों का बैकअप है

देश के कई हिस्सों में तेल खत्म होने की अफवाहों पर पेट्रोलियम मंत्रालय ने कड़ा रुख अपनाया है। सरकार ने स्पष्ट किया है।

पर्याप्त भंडार: भारत के पास फिलहाल लगभग 60 दिनों का वास्तविक स्टॉक (कच्चा तेल और रणनीतिक भंडार) मौजूद है। कुल क्षमता 74 दिनों की है।

अफवाहों से बचें: सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे ‘सुनियोजित दुष्प्रचार’ और दहशत फैलाने वाली खबरों पर ध्यान न दें।

सप्लाई सामान्य: युद्ध का आज 27वां दिन है, लेकिन देश के सभी पेट्रोल पंपों पर तेल की सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित और नियंत्रण में है।

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