सीएम योगी ने गिनाईं 2017 के बाद की बड़ी उपलब्धियां, बोले- पहले सिस्टम में दब जाती थीं फाइलें

Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को पुलिस विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटर पद पर चयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र अपने हाथों से बांटे। इस मौके पर उन्होंने यूपी पुलिस में हुए बड़े सुधारों पर विस्तार से बात की और 2017 से पहले और बाद के हालात की तुलना की।

कार्यक्रम में सीएम योगी ने पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम के फायदे गिनाए और इसके विरोध करने वालों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले सिस्टम में फाइलें दबा दी जाती थीं और काम रुक जाता था, लेकिन अब व्यवस्था पारदर्शी और तेज हो गई है।

सीएम योगी ने कहा कि पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम 1972 से चर्चा में था, लेकिन इसे लागू करने की हिम्मत पहले किसी ने नहीं की। उन्होंने दावा किया कि पहले आईएएस और आईपीएस के बीच अधिकारों को लेकर असंतुलन था और कई फैसले फाइलों में ही अटक जाते थे। उन्होंने यह भी कहा कि यूपी में सात जिलों में यह सिस्टम लागू किया गया है, जिससे पुलिस व्यवस्था ज्यादा मजबूत हुई है।

2017 से पहले यूपी में खराब हालात का जिक्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में कानून व्यवस्था कमजोर थी और हर दूसरे-तीसरे दिन दंगे होते थे। कई बार कर्फ्यू जैसी स्थिति बन जाती थी। उन्होंने मुरादाबाद की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि डीआईजी स्तर के अधिकारी पर हमला हुआ था। सीएम ने कहा कि उस समय न पुलिस सुरक्षित थी और न आम नागरिक। अपराधियों पर राजनीतिक दबाव भी डाला जाता था, लेकिन अब उन्हें सजा मिल चुकी है।

पुलिस इंफ्रास्ट्रक्चर और भर्ती में बड़ा सुधार

योगी आदित्यनाथ ने बताया कि अब पुलिस के लिए आधुनिक बैरक और भवन बनाए गए हैं और कई जिलों में सबसे ऊंची इमारत पुलिस की ही है। उन्होंने कहा कि पहले ट्रेनिंग के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब यूपी में ही 60 हजार तक जवानों की ट्रेनिंग क्षमता हो गई है। साथ ही लाखों रिक्त पदों पर पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया अपनाई गई है।

सीएम ने कहा कि पहले यूपी में सिर्फ चार फॉरेंसिक लैब थीं, जो अब बढ़कर 25 हो गई हैं। हर जिले में मोबाइल फॉरेंसिक लैब और साइबर थाना स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि अब यूपी पुलिस पूरी तरह आधुनिक हो चुकी है और कोई भी उस पर सवाल नहीं उठा सकता।

नौ लाख नौकरियों का दावा और विकास पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में नौ लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी गई हैं। उन्होंने बताया कि यूपी में अब 32 हजार बड़े उद्योग और 96 लाख एमएसएमई काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में दंगे नहीं होते और कानून व्यवस्था मजबूत होने से निवेश और रोजगार दोनों बढ़े हैं।

Get real time updates directly on you device, subscribe now.