बागी सांसदों पर संजय राउत का फूटा गुस्सा, बोले- वोटर ने जितवाया है, ऐसे नहीं जाने देंगे
Sandesh Wahak Digital Desk: महाराष्ट्र की राजनीति से जुड़ी एक बेहद सनसनीखेज खबर देश की राजधानी दिल्ली से सामने आ रही है। शिवसेना (यूबीटी) के नौ लोकसभा सांसदों में से छह के एक बार फिर पाला बदलकर शिंदे गुट (शिवसेना) में जाने की अटकलों के बीच बुधवार को दिल्ली में पार्टी सांसद संजय राउत के आवास पर एक बेहद आक्रामक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इस दौरान संजय राउत का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और उन्होंने संदिग्ध बागी सांसदों के खिलाफ तीखे और अपशब्दों से भरे लहजे का इस्तेमाल किया। राउत ने मीडिया से साफ कहा कि उनके बयानों को काटा न जाए और जनता तक पूरी बात पहुंचे।
संजय राउत ने सख्त लहजे में कहा, फिलहाल मेरा मानना है कि सभी सांसद हमारे साथ एकजुट हैं। लेकिन अगर किसी के मन में जाने की बात चल रही है, तो वह पहले अपने पद से इस्तीफा देकर दिखाए। उन्होंने भावुक और आक्रामक होते हुए कहा कि जमीन पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं ने इन सांसदों को संसद तक पहुंचाने के लिए अपना खून-पसीना एक किया है। पार्टी ने उन्हें टिकट दिया, आर्थिक मदद की और संगठन की जितनी औकात थी, उससे बढ़कर उनके लिए काम किया। राउत ने मांग की कि जिन भी सांसदों के नाम शिंदे गुट के साथ जाने की अफवाहों में आ रहे हैं, उन्हें खुद सामने आकर इसका पुरजोर खंडन करना चाहिए।
सांसद #SanjayRaut के मुंह से फूल झड़ते हुए..
अब लोग बोलेंगे ये तो गाली दे रहे है वो भी जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों को ..नहीं ये सीधा जनता को गाली दी जा रही है।
जनाब नेशनल टीवी पर गाली दे कर शान से बोल रहे कि 'Don't Cut'….ये कट मत करना
#ShivSena #ShivSenaUBT #Maharashtra pic.twitter.com/4JqTS7lYYS
— खुरपेंच का ताऊ (@KhurpenchhKaTau) June 17, 2026
कानूनी लड़ाई की तैयारी
राउत ने अंदरूनी बैठकों का हवाला देते हुए बताया कि 14 तारीख को हुई पार्टी की बैठक में चार सांसद व्यक्तिगत रूप से मौजूद थे और बाकी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े थे। उस दौरान सभी ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में आस्था जताते हुए साथ रहने का वादा किया था। यहाँ तक कि दो सांसदों ने तो साईं बाबा, मां भवानी और अपनी मां की सौगंध खाकर पार्टी न छोड़ने की बात कही थी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कसम खाने के बाद भी कोई पीठ में छुरा घोंपता है, तो पार्टी उन्हें छोड़ेगी नहीं। उन्होंने कहा, सभी सांसद उद्धव ठाकरे के चेहरे पर चुनाव जीते हैं, वे मतदाताओं के साथ विश्वासघात नहीं कर सकते। हमने इस मामले में अभी से कानूनी लड़ाई की तैयारी शुरू कर दी है और कल (गुरुवार) सुबह 11 बजे पार्टी की संसदीय बोर्ड की बड़ी बैठक बुलाई गई है।
अरविंद सावंत ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लिखा पत्र
पार्टी में मचे इस सियासी घमासान के बीच शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ सांसद अरविंद सावंत ने भी मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने संविधान और लोकतांत्रिक मर्यादाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक आधिकारिक पत्र लिखा है। सावंत ने स्पष्ट किया कि अभी तक संगठन के किसी भी सांसद या नेता ने आधिकारिक तौर पर अलग होने या पार्टी छोड़ने की कोई इच्छा जाहिर नहीं की है, इसलिए ये केवल कयास हैं।
संजय राउत के कड़े शब्दों पर अनिल देसाई की सफाई
संजय राउत द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस में मर्यादा लांघने और तीखे शब्दों का प्रयोग करने पर मचे बवाल के बीच पार्टी सांसद अनिल देसाई ने उनका बचाव किया। देसाई ने सफाई देते हुए कहा, संजय राउत ने जो कुछ भी कहा, वह किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाकर नहीं कहा गया था। जब कोई व्यक्ति भावनात्मक रूप से बेहद संवेदनशील होता है और जिसने अपने जीवन के 50 साल सार्वजनिक जीवन और राजनीति को दिए हों, तो पार्टी में टूटने की खबरों पर ऐसा गुस्सा स्वाभाविक है। वह सिर्फ अपनी अंतरात्मा की पीड़ा व्यक्त कर रहे थे।
Also Read: सीएम योगी ने गिनाईं 2017 के बाद की बड़ी उपलब्धियां, बोले- पहले सिस्टम में दब जाती थीं फाइलें

