‘स्मार्टफोन पर ज्यादा समय बिताना भी एक बीमारी, हार्ट ब्लॉक हुआ तो…’, CM योगी की चेतावनी
अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी में NIC-2026 का शुभारंभ, मुख्यमंत्री ने खराब जीवनशैली को बताया गंभीर बीमारियों की जड़, बोले- किडनी फेल होने पर डायलिसिस का सहारा है, पर दिल मौका नहीं देता
Sandesh Wahak Digital Desk: राजधानी लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय में शुक्रवार को कार्डियोलॉजी सोसायटी ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित ‘नेशनल इंटरवेंशनल काउंसिल (NIC) 2026’ का भव्य आगाज हुआ। इस तीन दिवसीय कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आधुनिक जीवनशैली और स्मार्टफोन की लत पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने दो टूक कहा कि अगर सेहत के प्रति संजीदगी नहीं दिखाई गई, तो परिणाम जानलेवा हो सकते हैं।
“किडनी और हार्ट का फर्क समझें”
मुख्यमंत्री ने चिकित्सा जगत और आम जनता को संबोधित करते हुए एक बड़ा अंतर स्पष्ट किया। उन्होंने कहा “हृदय शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है। किडनी खराब होने पर व्यक्ति डायलिसिस के सहारे कुछ समय तक जीवन जी सकता है, लेकिन अगर हार्ट में ब्लॉकेज हुआ, तो सीधे दूसरे लोक की यात्रा हो जाएगी। आज कम उम्र के लोग दिल की बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं, जो चिंता का विषय है।”
स्मार्टफोन की लत: एक नई महामारी
सीएम योगी ने डिजिटल गुलामी पर चिंता जताते हुए कहा कि हर व्यक्ति आज दिन भर में 4 से 6 घंटे स्मार्टफोन पर खपा रहा है। उन्होंने इसे एक ‘बीमारी’ करार दिया। मुख्यमंत्री के अनुसार, शारीरिक गतिविधियों में कमी, देर रात तक जागना और स्मार्टफोन में उलझे रहना ही हृदय रोग, डायबिटीज और ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर बीमारियों की मुख्य वजह है।
यूपी: बीमारू राज्य से ‘ग्रोथ इंजन’ तक का सफर
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की बदलती तस्वीर का भी जिक्र किया। 9-10 साल पहले यूपी एक बीमारू राज्य था। पहले यहां मात्र 17 मेडिकल कॉलेज थे, लेकिन आज केंद्र और राज्य के साझा प्रयासों से इनकी संख्या 81 पहुंच गई है। सीएम ने बताया कि अकेले वर्ष 2025 में मुख्यमंत्री रिलीफ फंड से जनता के इलाज के लिए 1400 करोड़ रुपये जारी किए गए। इसके अलावा आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से लाखों लोग लाभान्वित हो रहे हैं। SGPGI और KGMU में टेलीमेडिसिन और टेली ICU (वर्चुअल ICU) की सुविधा शुरू की गई है, जो दूरदराज के मरीजों के लिए वरदान साबित हो रही है।
OPD का बढ़ता दबाव और डॉक्टरों की चुनौती
सीएम ने अस्पतालों के बढ़ते बोझ पर आंकड़े पेश करते हुए कहा कि KGMU में रोजाना 12,000 से 14,000 और PGI में 10,000 से 11,000 मरीज आते हैं। इतने भारी दबाव के बीच डॉक्टरों के लिए इलाज करना एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे फास्ट फूड से तौबा करें, योग अपनाएं और घर के बने पौष्टिक भोजन को प्राथमिकता दें।
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