बात नहीं मानी तो फिर बरसाएंगे बम, यूएस-ईरान समझौते पर डोनाल्ड ट्रंप के सख्त तेवर
Sandesh Wahak Digital Desk: अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते का जहां एक तरफ वैश्विक स्तर पर स्वागत किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ताजा बयानों ने इस समझौते के भविष्य पर आशंकाओं के बादल मंडरा दिए हैं। फ्रांस में आयोजित जी7 (G7) शिखर सम्मेलन के इतर मीडिया से मुखातिब होते हुए ट्रंप ने स्पष्ट किया कि इस समझौते को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है। यह महज एक समझौता ज्ञापन है और अभी कई कड़े नियम तय होने बाकी हैं। इसके साथ ही उन्होंने ईरान को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि उसका व्यवहार ठीक नहीं रहा, तो अमेरिका दोबारा बमबारी करने से पीछे नहीं हटेगा।
ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं बना पाएगा: ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति ने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर बड़ा दावा करते हुए कहा कि इस बात की 99.99% संभावना है कि ईरान भविष्य में कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं कर सकेगा। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच बना यह मौजूदा ढांचा बेहद मजबूत है। हालांकि, उन्होंने अपने आक्रामक अंदाज को दोहराते हुए कहा, अगर मुझे यह समझौता पसंद नहीं आया या उन्होंने (ईरान ने) नियमों का पालन नहीं किया, तो हम फिर से उनके सिर के बीचों-बीच बमबारी करेंगे। पिछले 47 वर्षों में उनका आचरण ठीक नहीं रहा है।
300 अरब डॉलर के फंड की बात बकवास
अंतरराष्ट्रीय मीडिया में चल रही उन खबरों को ट्रंप ने सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया जा रहा था कि अमेरिका, ईरान के पुनर्निर्माण के लिए 300 अरब डॉलर का वित्तीय पैकेज देगा। ट्रंप ने दो टूक शब्दों में कहा, हम ईरान में कोई निवेश नहीं कर रहे हैं और न ही हमारे पास उनके लिए कोई फंड है। हम उन्हें 10 सेंट भी देने नहीं जा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि वह खाड़ी देशों से भी ईरान में निवेश करने के लिए नहीं कह रहे हैं, लेकिन अगर वे अपनी मर्जी से ऐसा करते हैं तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी। हालांकि, मौजूदा अनिश्चितता को देखते हुए खाड़ी देश भी अभी निवेश का जोखिम नहीं उठाएंगे।
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