PM मत्स्य योजना में लापरवाही, योगी सरकार ने मत्स्य निदेशक समेत 5 अफसरों को किया सस्पेंड

UP News: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने मत्स्य विभाग में कथित लापरवाही और मनमानी के मामले में बड़ा एक्शन लिया है। मत्स्य मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद की संस्तुति पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने मत्स्य निदेशक एनएस रहमानी (Fisheries Director NS Rahmani) समेत पांच अधिकारियों को निलंबित कर दिया है।

इन अधिकारियों पर प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के क्रियान्वयन में लापरवाही और अनियमितताओं के आरोप हैं। इसके अलावा वाराणसी में योजना के संचालन से जुड़े मत्स्य अधिकारी श्वेता सिंह, आकाश दीप, राजेंद्र और खुर्शीद आलम को भी निलंबित किया गया है।

बिना मंजूरी कई जिलों में दे दिए मछली पकड़ने के ठेके

मत्स्य निदेशक एनएस रहमानी पर विभागीय जिम्मेदारियों के निर्वहन में मनमानी के आरोप लगाए गए हैं। उन पर लखनऊ में मत्स्य विभाग की जमीन के उचित संरक्षण में लापरवाही बरतने का भी आरोप है।

इसके अलावा उपनिदेशक मत्स्य के पद पर रहते हुए उन्होंने वर्ष 2020-21, 2021-22 और 2022-23 में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PM Matsya Sampada Yojana) की अनुदानित परियोजनाओं के संचालन में कथित लापरवाही की।

सबसे गंभीर आरोप सोनभद्र के रिहंद जलाशय में मछली पकड़ने का ठेका बिना महानिदेशक मत्स्य की अनुमति के देने का है। इसी तरह प्रयागराज और बहराइच में भी कथित तौर पर बिना अनुमति मछली पकड़ने के ठेके स्वीकृत किए गए।

जांच के घेरे में और भी अधिकारी

मत्स्य मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने कहा कि प्रारंभिक जांच की रिपोर्ट और निष्कर्षों के आधार पर कार्रवाई की गई है। उन्होंने संकेत दिया कि इस मामले में अन्य अधिकारी भी कथित लापरवाही और अनियमितताओं में शामिल हो सकते हैं।

उन्होंने कहा कि विस्तृत जांच जारी है और जांच में जो भी अधिकारी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने साफ किया है कि भ्रष्टाचार, मनमानी और लापरवाही के मामलों में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

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