यूपी में 7 दिन का पेट्रोल और 22 दिन का सिलेंडर स्टॉक में है, कंपनियों ने जनता को परेशान न होने का दिया भरोसा
Lucknow News: उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों पर उमड़ रही भारी भीड़ के बीच तेल कंपनियों ने स्थिति साफ कर दी है। इंडियन ऑयल (IOC) के राज्य समन्वयक संजय भंडारी ने शुक्रवार को लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जनता को भरोसा दिलाया कि प्रदेश में ईंधन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे घबराहट में आकर अनावश्यक रूप से लंबी लाइनें न लगाएं।
संजय भंडारी ने बताया कि 25 और 26 मार्च के दौरान अचानक मांग में भारी उछाल आया। इसे ‘पैनिक बाइंग’ (घबराहट में की गई खरीदारी) कहा जाता है। लोग डर के मारे अपनी जरूरत से ज्यादा ईंधन स्टोर करने लगे, जिससे पंपों पर भीड़ बढ़ गई। उन्होंने बताया कि यूपी में एलपीजी सिलेंडरों का 22 दिनों का अतिरिक्त स्टॉक आज भी मौजूद है। पेट्रोल और डीजल का भी 7 दिनों का पर्याप्त बैकअप कंपनियों के पास सुरक्षित है।
आंकड़ों में चौंकाने वाला उछाल
घबराहट का आलम यह था कि पिछले साल के मुकाबले इस बार तेल की बिक्री लगभग दोगुनी हो गई। 26 मार्च, 2025 को पेट्रोल की जहां 1.5 करोड़ लीटर की सप्लाई थी, वहीं 26 मार्च 2026 को यह बढ़कर 2.90 करोड़ लीटर पहुंच गई। वहीं पिछले साल डीजल की 2.8 करोड़ लीटर की खपत के मुकाबले इस बार 5.01 करोड़ लीटर डीजल की सप्लाई की गई।
हाईटेक सिस्टम से हो रही निगरानी
अधिकारियों ने बताया कि ऑटोमेशन सिस्टम के जरिए हर पेट्रोल पंप पर नजर रखी जा रही है। जहां भी मांग सामान्य से 5 गुना ज्यादा बढ़ रही है, वहां तुरंत अतिरिक्त टैंकर भेजकर सप्लाई बहाल की जा रही है। अयोध्या, बस्ती और गोरखपुर जैसे जिलों में स्थिति अब पूरी तरह सामान्य हो चुकी है, जबकि लखनऊ, सीतापुर और गोंडा में भी अगले एक-दो दिनों में हालात सामान्य हो जाएंगे।
पेमेंट विवाद पर भी होगी बात
कुछ जगहों पर पेमेंट को लेकर आ रही दिक्कतों पर संजय भंडारी ने कहा कि यह कंपनियों का अंदरूनी मामला हो सकता है। इसके लिए भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के साथ एक अहम बैठक बुलाई गई है, जिसमें बातचीत के जरिए इस मुद्दे को सुलझा लिया जाएगा।

