गोरखपुर में बच्ची के हत्यारोपी सिपाही पर अस्पताल में हमला, डॉक्टरों और नर्सों ने जमकर पीटा
Gorakhpur News: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में 10 साल की बच्ची की हत्या के आरोपी सिपाही के खिलाफ लोगों का गुस्सा खुलकर सामने आया। गुरुवार दोपहर करीब 2:30 बजे जब पुलिस आरोपी अभिषेक यादव को मेडिकल जांच के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंची, तो डॉक्टरों और नर्सों ने उसे पहचान लिया। इसके बाद अस्पताल कर्मियों ने आरोपी को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने किसी तरह बीच-बचाव कर उसे भीड़ से बाहर निकाला।
अस्पताल से किया था अपहरण, हत्या के बाद नदी में फेंका शव
पुलिस के अनुसार, 28 जुलाई की रात 10 वर्षीय बच्ची अपनी बीमार बड़ी बहन को खाना देने जिला अस्पताल आई थी। घर लौटते समय डायल-112 में तैनात सिपाही अभिषेक यादव उसे घर छोड़ने का झांसा देकर बाइक पर बैठाकर करीब 15 किलोमीटर दूर श्मशान घाट ले गया। इसके बाद उसकी हत्या कर शव नदी में फेंक दिया। पुलिस को आशंका है कि हत्या से पहले बच्ची के साथ दुष्कर्म भी किया गया हो। इसकी पुष्टि जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी।
बच्ची के लापता होने पर परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने 10 टीमों का गठन किया और 200 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले। 39 सेकेंड की एक फुटेज में आरोपी बच्ची के पीछे बाइक से ले जाता दिखाई दिया। पूछताछ में उसने अपराध स्वीकार कर लिया। गुरुवार सुबह करीब 8:30 बजे उसकी निशानदेही पर बच्ची का शव बरामद किया गया।
आरोपी पर पहले भी लग चुके हैं गंभीर आरोप
गाजीपुर निवासी 35 वर्षीय अभिषेक यादव वर्ष 2018 बैच का सिपाही है और वर्तमान में गोरखपुर में डायल-112 में तैनात था। जनवरी 2025 में उस पर पश्चिम बंगाल की एक महिला से छेड़छाड़ का आरोप लगा था। उस मामले में वह निलंबित हुआ और जेल भी गया, लेकिन सितंबर 2025 में उसकी बहाली हो गई थी।
एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि आरोपी के खिलाफ बर्खास्तगी की रिपोर्ट भेज दी गई है। साथ ही उस पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाने की भी कार्रवाई की जा रही है।
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