खामेनेई के जनाजे में भारत होगा शामिल, PM मोदी की जगह जाएंगे ये दो वरिष्ठ प्रतिनिधि

Ayatollah Ali Khamenei Funeral: ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में भारत हिस्सा लेगा। रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत सरकार की ओर से दो वरिष्ठ प्रतिनिधि इस हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम में शामिल होंगे। इनमें बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्र मार्गेरिटा शामिल हैं।

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस कार्यक्रम के लिए औपचारिक आमंत्रण भेजा था, लेकिन अब स्पष्ट हो गया है कि पीएम मोदी इसमें शामिल नहीं होंगे।

पीएम मोदी क्यों नहीं जाएंगे ईरान

कूटनीतिक चर्चाओं के बीच यह सवाल उठ रहा था कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं तेहरान जाएंगे। लेकिन अब यह साफ हो गया है कि उनके पहले से तय अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों के कारण यह संभव नहीं है। पीएम मोदी जल्द ही इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा पर जाएंगे, जिसका शेड्यूल पहले से तय है।

जानकारी के अनुसार, अयातुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार 4 जुलाई को आयोजित किया जाएगा। उन्हें 28 फरवरी को अमेरिकी और इजरायली हमलों में मृत घोषित किया गया था। युद्ध के चलते अंतिम संस्कार टाल दिया गया था, लेकिन अब अस्थायी युद्धविराम के बाद यह आयोजन हो रहा है।

4 जुलाई से उनके पार्थिव शरीर को तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला कॉम्प्लेक्स में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद तेहरान और पवित्र शहर कौम में बड़े पैमाने पर जनाजे के जुलूस निकाले जाएंगे।

भारत का रणनीतिक प्रतिनिधित्व और कूटनीति

भारत सरकार ने इस प्रतिनिधिमंडल का चयन रणनीतिक रूप से किया है। सैयद अता हसनैन का चयन पश्चिम एशिया और सुरक्षा मामलों में उनके अनुभव को देखते हुए किया गया है। वहीं विदेश राज्य मंत्री पबित्र मार्गेरिटा का शामिल होना भारत की कूटनीतिक उपस्थिति को दर्शाता है।

भारत और ईरान के बीच लंबे समय से मजबूत संबंध रहे हैं। इससे पहले भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने ईरानी दूतावास जाकर शोक व्यक्त किया था। हाल ही में ब्रिक्स बैठक के दौरान ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची भारत आए थे।

अन्य देशों की भागीदारी की संभावना

इस कार्यक्रम में पाकिस्तान, रूस, चीन और इराक सहित कई देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। अंतिम संस्कार के बाद 9 जुलाई को खामेनेई को उनके गृहनगर मशहद में स्थित इमाम रज़ा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। इस दौरान लाखों लोगों के जुटने की उम्मीद है।

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