उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच 24 घंटे निर्बाध बिजली के निर्देश, सीएम योगी ने की हाई-लेवल समीक्षा
Lucknow News: प्रदेश में पड़ रही कड़कड़ाती धूप और रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के कारण बिजली की मांग आसमान छू रही है। इस स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के नागरिकों, किसानों, व्यापारियों और उद्योगों को बिना किसी कटौती के गुणवत्तापूर्ण बिजली देने के कड़े निर्देश दिए हैं। रविवार को ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा, राज्य मंत्री कैलाश सिंह राजपूत और डिस्कॉम के आला अधिकारियों के साथ हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि इस चुनौतीपूर्ण समय में बिजली विभाग पूरी संवेदनशीलता और मुस्तैदी के साथ काम करे ताकि जनता को कोई परेशानी न हो।
राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता को लेकर बैठक में महत्वपूर्ण आंकड़े सामने आए। उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड की कुल क्षमता अब बढ़कर 13,388 मेगावाट पर पहुंच चुकी है। इसमें अनपरा, ओबरा और पनकी जैसे थर्मल पावर प्लांटों का योगदान 9,120 मेगावाट है, जबकि जल विद्युत से 526.4 मेगावाट और संयुक्त उपक्रमों (मेजा, घाटमपुर, खुर्जा) से 3,742 मेगावाट बिजली मिल रही है। खास बात यह है कि साल 2022 की तुलना में 2026 तक राज्य की उत्पादन क्षमता में 86 फीसदी की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके अलावा, गैर-पारंपरिक और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से भी लगभग 10,000 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है।
मजबूत ट्रांसमिशन नेटवर्क और कम हुआ नुकसान
मुख्यमंत्री ने पारेषण (ट्रांसमिशन) प्रणाली को आधुनिक और फॉल्ट-फ्री बनाने पर जोर दिया। वर्तमान में यूपी के पास 60,858 सर्किट किलोमीटर का विशाल ट्रांसमिशन नेटवर्क और 715 उपकेंद्र हैं, जिनकी क्षमता 2,05,632 एमवीए है। इस नेटवर्क की उपलब्धता 99.30% रही है और सबसे अच्छी बात यह है कि ट्रांसमिशन के दौरान होने वाला बिजली का नुकसान (लॉस) घटकर मात्र 3.2 प्रतिशत रह गया है। सीएम ने अधिकारियों को इस तंत्र की लगातार निगरानी करने को कहा है।

ट्रांसफार्मर फुंकने या लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
विद्युत वितरण व्यवस्था को सीधे उपभोक्ताओं से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री ने अब फीडर के अनुसार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आंधी-तूफान या अत्यधिक तापमान जैसी आपातकालीन स्थितियों में भी फील्ड स्टाफ तुरंत एक्शन मोड में रहे। हाल ही में आए तूफानों से प्रभावित हुए 38 सब-स्टेशनों को रिकॉर्ड समय में ठीक किया गया। इसके साथ ही, पिछले कुछ सालों में सुरक्षा इंतजामों और बेहतर रखरखाव के चलते बड़े ट्रांसफार्मर खराब होने की दर में लगभग 80% तक की भारी कमी आई है।
पावर बैंकिंग और भविष्य की दीर्घकालिक रणनीति
मई महीने में भीषण गर्मी के चलते प्रदेश की पीक बिजली डिमांड 30,339 मेगावाट तक पहुंच गई, जिससे उत्तर प्रदेश देश में सबसे ज्यादा बिजली की मांग पूरी करने वाला दूसरा बड़ा राज्य बन गया है। इस भारी मांग को संभालने के लिए यूपी पावर कॉर्पोरेशन ने 12 राज्यों के साथ ‘पावर बैंकिंग’ का मजबूत समझौता किया है। वहीं, भविष्य की जरूरतों को देखते हुए साल 2029 तक 10,719 मेगावाट अतिरिक्त बिजली क्षमता (विंड, सोलर, हाइब्रिड और हाइड्रो) जोड़ने पर तेजी से काम चल रहा है।
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