लेबनान में हिज्बुल्लाह के हमले में इजरायली सार्जेंट मोशे काट्ज शहीद, पीएम नेतन्याहू ने जताया दुख
Sandesh Wahak Digital Desk: इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) और हिज्बुल्लाह के बीच दक्षिणी लेबनान सीमा पर जारी भीषण जंग में इजरायल ने अपना एक और वीर सपूत खो दिया है। आईडीएफ ने रविवार सुबह पुष्टि की कि शुक्रवार और शनिवार की दरम्यानी रात हुए हिज्बुल्लाह के रॉकेट हमले में 22 वर्षीय सार्जेंट मोशे यित्जचक काट्ज शहीद हो गए। इस हमले में तीन अन्य सैनिक भी मामूली रूप से घायल हुए हैं।
सार्जेंट मोशे काट्ज पैराट्रूपर्स ब्रिगेड की 890वीं बटालियन में तैनात थे। उनकी कहानी बेहद प्रेरणादायक है। वे मूल रूप से अमेरिका के कनेक्टिकट के न्यू हेवन की ‘चबाड कम्युनिटी’ के सदस्य थे। अपनी बहन के नक्शेकदम पर चलते हुए, वे अकेले इजरायल आए थे ताकि आईडीएफ में एक ‘लोन सोल्जर’ (अकेले सैनिक) के तौर पर देश की सेवा कर सकें।
पासओवर पर मां-बाप से मिलने का था प्लान
मोशे काट्ज के माता-पिता, मेंडी और देवोरा, इसी महीने की शुरुआत में अपने बेटे से मिलने इजरायल गए थे। वे 28 फरवरी को वापस अमेरिका लौट गए थे। मोशे को इस हफ्ते यहूदी त्योहार पासओवर (Passover) की छुट्टी पर अपने माता-पिता के पास जाना था। सब कुछ तय था, लेकिन अपनी यूनिट और देश की रक्षा के लिए उन्होंने छुट्टी न लेकर इजरायल में ही रहने और लड़ने का फैसला किया।
मेरा दिल टूट गया है, पिता का भावुक संदेश
मोशे की शहादत की खबर मिलते ही उनके पिता मेंडी काट्ज ने फेसबुक पर एक बेहद मार्मिक पोस्ट लिखी। उन्होंने लिखा, मेरा बड़ा बेटा, जो जीवन के प्रति उत्साह और हंसी-मजाक से भरा था, मेरा दिल टूट गया है और यह दर्द बेहद गहरा है।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा ने सार्जेंट काट्ज की शहादत पर गहरा शोक व्यक्त किया है। पीएम नेतन्याहू ने कहा, मोशे, जिनकी यादें हमेशा रहेंगी, अमेरिका से इजरायल आए थे, पैराट्रूपर्स ब्रिगेड में भर्ती हुए और देश की रक्षा के लिए बहादुरी से लड़े। इजरायल के सभी नागरिकों की ओर से हम मोशे के परिवार को इस मुश्किल समय में गले लगाते हैं और घायल हुए हमारे लड़ाकों के जल्दी ठीक होने की कामना करते हैं। उनकी यादें हमेशा आशीर्वाद बनी रहें।
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