दक्षिणी लेबनान से हटेगी इजरायली सेना, रोम वार्ता में पायलट प्रोजेक्ट पर बनी सहमति

Sandesh Wahak Digital Desk: मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में शांति बहाली की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए इजरायल और लेबनान एक खास पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत करने के बेहद करीब पहुंच गए हैं। रोम में आयोजित छठे दौर की सैन्य व रणनीतिक वार्ता में दोनों देशों के बीच एक अहम सहमति बनी है। इसके तहत दक्षिणी लेबनान के कुछ विशिष्ट क्षेत्रों से इजरायली सेना को चरणबद्ध तरीके से हटाकर वहां का नियंत्रण लेबनानी सशस्त्र बलों को सौंपने की रूपरेखा तैयार की गई है। इटली की समाचार एजेंसी ‘एजेंजिया नोवा’ के मुताबिक, दोनों पक्ष शुरुआती दो पायलट जोन से सेना हटाने के मैकेनिज्म (सिस्टम) को लेकर आगे बढ़े हैं।

फ्रेमवर्क समझौते को जमीन पर उतारने की तैयारी

अमेरिका की मध्यस्थता में हुई इस छठे दौर की बैठक का मुख्य एजेंडा 26 जून को वाशिंगटन में तय हुए फ्रेमवर्क समझौते को अमलीजामा पहनाना था। रोम में अमेरिकी दूतावास में हुई इस उच्च स्तरीय चर्चा के दौरान इजरायली सेना की वापसी, लेबनानी सुरक्षा बलों की तैनाती और उन क्षेत्रों में हिज्बुल्लाह के हथियारों को निष्क्रिय करने की शर्तों व क्रम को स्पष्ट किया गया। दोनों ही देश इस बात से वाकिफ हैं कि इस पूरी प्रक्रिया में समय लगेगा। लेबनान जहां आंतरिक संकट से बचते हुए अपने दक्षिणी हिस्से पर संप्रभुता चाहता है, वहीं इजरायल यह पुख्ता सुरक्षा गारंटी मांग रहा है कि उसके हटने के बाद खाली हुई जमीन पर हिज्बुल्लाह दोबारा काबिज न हो सके।

इटली की शांति पहल और आगामी रणनीति

इजरायल ने साफ किया है कि उसकी सेना की पूर्ण वापसी इस बात पर निर्भर करेगी कि लेबनानी सेना उन इलाकों पर प्रभावी नियंत्रण बनाने और हिज्बुल्लाह के निरस्त्रीकरण में कितनी सफल रहती है। इस बीच, अगले दौर की बातचीत के लिए भी दोनों पक्ष राजी हो गए हैं, जिसकी तारीख जल्द तय होगी। इस महत्वपूर्ण बैठक की मेजबानी करने पर प्रसन्नता जताते हुए इटली के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री एंटोनियो तजानी ने कहा कि इस वार्ता का सफल आयोजन मध्य पूर्व में स्थिरता और शांति लाने की इटली की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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