ईरान पर अमेरिका का बड़ा हमला, 90 मिनट तक बरसीं मिसाइलें, खाड़ी में बढ़ा तनाव

US Iran Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य तनाव अब और गहरा गया है। लगातार चौथे दिन हमलों के बीच अमेरिकी सेना ने खाड़ी क्षेत्र में ईरान के नियंत्रण वाले ग्रेटर टुनब द्वीप पर करीब 90 मिनट तक मिसाइल और ड्रोन से हमला किया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, यह कार्रवाई वॉशिंगटन समयानुसार सुबह 7:30 बजे शुरू हुई और इसमें तटीय रक्षा प्रणालियों के साथ क्रूज मिसाइल स्टोरेज और लॉन्च साइटों को निशाना बनाया गया।

CENTCOM ने दावा किया कि इस हमले से होर्मुज़ जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों पर हमला करने की ईरान की क्षमता और कमजोर हुई है।

होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर क्यों है दुनिया की नजर?

ग्रेटर टुनब फारस की खाड़ी में होर्मुज़ जलडमरूमध्य के प्रवेश द्वार के पास स्थित एक रणनीतिक द्वीप है। इसका क्षेत्रफल करीब 10.3 वर्ग किलोमीटर है। इस द्वीप पर ईरान का नियंत्रण है, जबकि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भी इस पर अपना दावा करता है।

अमेरिका का आरोप है कि हाल के दिनों में ईरान ने इसी क्षेत्र से वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाया। CENTCOM प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर के अनुसार, पिछले सात दिनों में सात कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों में कई क्रू सदस्य मारे गए, घायल हुए या लापता हैं।

ईरान ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी

ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, अमेरिकी हमलों में 388वीं मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री ब्रिगेड के कम से कम सात सैनिक मारे गए और कई अन्य घायल हुए हैं। यह हमला सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत के बामपुर स्थित सैन्य बैरक पर हुआ, जहां कम से कम 13 मिसाइलें दागी गईं। ईरानी सेना ने कहा है कि वह इस अमेरिकी कार्रवाई का “माकूल जवाब” देगी।

इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले होर्मुज़ से गुजरने वाले जहाजों पर प्रस्तावित 20% शुल्क वापस लेने की घोषणा की थी, लेकिन क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां लगातार तेज होती जा रही हैं।

Also Read : रूस से तेल खरीदने पर भारत को झटका? ट्रंप ने 500% टैरिफ वाले बिल का किया समर्थन 

Get real time updates directly on you device, subscribe now.