लखनऊ में मिट्टी खनन के विवाद में खूनी संघर्ष, किसान पर गाड़ी चढ़ाने का आरोप
Lucknow News: लखनऊ के मलिहाबाद क्षेत्र में खेत से मिट्टी खनन को लेकर किसान और ठेकेदार के बीच विवाद हो गया। किसान ने ठेकेदार पर गाड़ी से कुचलने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। वहीं, ठेकेदार का कहना है कि कुछ लोगों ने उस पर हंसिया से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतें लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। खबर लिखे जाने तक किसी भी पक्ष की ओर से मुकदमा दर्ज नहीं हुआ था।
किसान का आरोप- खेत में छह फीट तक गहरी खुदाई कराई
मलिहाबाद थाना क्षेत्र के माधवपुर गांव निवासी किसान ओमप्रकाश के मुताबिक, खसरा संख्या 928क में 0.111 हेक्टेयर जमीन में उनकी सहखातेदारी है। शनिवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे वह अपने खेत की ओर गए तो वहां पड़ोसी गांव नगर पंचायत के मजरा टिकरीहार निवासी आकाश यादव जेसीबी से मिट्टी का खनन करा रहे थे।
ओमप्रकाश ने खनन का विरोध किया और ट्रैक्टर-ट्रॉली रोकने की कोशिश की। किसान का आरोप है कि इस दौरान ट्रैक्टर चालक ने उन्हें गाड़ी से कुचलकर मारने का प्रयास किया। इसी बीच उनके सहखातेदार मथुरा भी मौके पर पहुंच गए। ओमप्रकाश का आरोप है कि विरोध करने पर दूसरे पक्ष के लोगों ने मथुरा को भी जेसीबी से कुचलने की कोशिश की।
हंगामा देखकर ग्रामीण मौके पर जुटने लगे तो ठेकेदार आकाश यादव और ट्रैक्टर व जेसीबी के तीनों चालक अपने वाहन लेकर वहां से भाग निकले। किसान ने यह भी आरोप लगाया कि ठेकेदार ने उनके खेत से करीब छह फीट गहराई तक मिट्टी का खनन कराया है।
ठेकेदार का दावा- 10 ट्रॉली मिट्टी की अनुमति लेकर करा रहा था खनन
दूसरी ओर, ठेकेदार आकाश यादव ने अपनी शिकायत में अलग आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि वह माधवपुर निवासी बाबूलाल के खेत से 10 ट्रॉली मिट्टी निकालने की अनुमति लेकर शनिवार सुबह खनन करा रहा था।
आकाश यादव के मुताबिक, इसी दौरान गांव के राकेश, पंकज, मथुरा, अनिल, हिमांशू, अरुण और सुनील उर्फ लाला ने एकजुट होकर उस पर हंसिया से हमला कर दिया। ठेकेदार का आरोप है कि हमले में उसके गले पर चोट आई और वह खून से लथपथ होकर गिर पड़ा।
दोनों पक्षों की शिकायत पर पुलिस कर रही जांच
मलिहाबाद पुलिस ने किसान और ठेकेदार, दोनों की तहरीर लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, खबर लिखे जाने तक किसी भी पक्ष की शिकायत पर मुकदमा दर्ज नहीं हुआ था।
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