Lucknow News: स्वास्थ्यकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर SGPGI की बड़ी पहल, माइंडफुलनेस कार्यक्रम की शुरुआत
Sandesh Wahak Digital Desk: बढ़ते कार्यभार, निरंतर रोगी देखभाल और भावनात्मक दबाव के बीच स्वास्थ्यकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई, लखनऊ) ने एक महत्वपूर्ण पहल की है।
संस्थान ने भावनात्मक कल्याण (Emotional Wellbeing) पर आधारित त्रि-चरणीय अध्ययन और माइंडफुलनेस बेस्ड स्ट्रेस रिडक्शन (MBSR) कार्यक्रम की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य तनाव, बर्नआउट और भावनात्मक थकान को कम करना है।
एसएस अग्रवाल ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यशाला में चिकित्सकों, रेजिडेंट डॉक्टरों और नर्सिंग अधिकारियों ने सक्रिय सहभागिता की।
कार्यक्रम का फोकस स्वास्थ्यकर्मियों में तनाव प्रबंधन, मनोवैज्ञानिक दृढ़ता, भावनात्मक संतुलन और समग्र मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाना रहा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चिकित्साअधीक्षक आर. हर्षवर्धन ने कहा कि लगातार मरीजों की देखभाल और बढ़ते कार्यदबाव के चलते स्वास्थ्यकर्मियों में बर्नआउट, चिंता और भावनात्मक थकान तेजी से बढ़ रही है।
ऐसे में संस्थागत स्तर पर वेलबीइंग कार्यक्रमों की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।

वहीं, डीन शालीन कुमार ने माइंडफुलनेस अभ्यास को मानसिक संतुलन बनाए रखने और कार्यस्थल पर सकारात्मक वातावरण विकसित करने का प्रभावी माध्यम बताया।
संस्थान के निदेशक पद्मश्री आर.के. धीमन ने कहा कि माइंडफुलनेस आधारित हस्तक्षेप तनाव कम करने, मानसिक स्पष्टता बढ़ाने और स्वास्थ्यकर्मियों के समग्र कल्याण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यशाला के दौरान माइंडफुल ब्रीदिंग, बॉडी स्कैन मेडिटेशन, तनाव प्रबंधन, भावनात्मक संतुलन और कार्यस्थल पर सजगता विकसित करने जैसे विषयों पर व्यावहारिक सत्र आयोजित किए गए। संस्थान ने बताया कि यह पहल आगे ऑनलाइन सत्रों के माध्यम से भी जारी रहेगी।
एसजीपीजीआई का मानना है कि यह वैज्ञानिक और साक्ष्य-आधारित मॉडल भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं में भावनात्मक कल्याण और मनोवैज्ञानिक दृढ़ता को नियमित व्यवस्था का हिस्सा बनाने में सहायक सिद्ध होगा।

