Lucknow News: 1 अप्रैल से स्कूली वाहनों की फिटनेस के लिए चलेगा विशेष अभियान, मंडलायुक्त ने दिए सख्त निर्देश
Lucknow News: मंडल में बढ़ते सड़क हादसों को रोकने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आज मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति की एक अहम बैठक संपन्न हुई। आयुक्त सभागार में आयोजित इस बैठक में मंडलायुक्त ने दो टूक शब्दों में कहा कि सड़क सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने लंबित जांचों और ब्लैक स्पॉट्स के सुधार के लिए 31 मार्च, 2026 की डेडलाइन तय की है।
अभिभावकों और छात्रों के लिए सबसे महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए मंडलायुक्त ने 1 से 15 अप्रैल, 2026 तक स्कूली वाहनों की जांच के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है। इस दौरान सभी स्कूली बसों और वैन की फिटनेस और सुरक्षा मानकों की गहन जांच होगी। मानक पूरे न होने पर न केवल नोटिस दिया जाएगा, बल्कि सख्त कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी। स्कूलों में ‘परिवहन सुरक्षा समितियों’ को फिर से सक्रिय किया जाएगा ताकि परिवहन व्यवस्था की नियमित निगरानी हो सके।
एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन और ब्लैक स्पॉट्स पर नजर
बैठक में साल 2025 और 2026 के तुलनात्मक आंकड़ों पर चर्चा की गई। जिन जिलों में हादसे बढ़े हैं, वहां मंडलायुक्त ने ब्लैक स्पॉट्स (हादसों वाली जगह) की पहचान कर उन्हें तुरंत ठीक करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सड़क दुर्घटना जांच योजना-2023 के तहत सभी लंबित जांचें पारदर्शी तरीके से 31 मार्च तक पूरी कर ली जाएं।
हिट एंड रन मामले, हरदोई के आंकड़ों पर जताई नाराजगी
मंडलायुक्त ने हिट एंड रन योजना की समीक्षा के दौरान पाया कि मंडल में सबसे ज्यादा लंबित मामले हरदोई (76 प्रकरण) के हैं। इस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की और क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को निर्देश दिए कि पीड़ितों को जल्द से जल्द राहत और सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए।

अवैध पार्किंग और अतिक्रमण के खिलाफ जंग
हाईवे और प्रमुख सड़कों पर लगने वाले जाम और हादसों के लिए जिम्मेदार अवैध पार्किंग और अतिक्रमण को हटाने के लिए सघन अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। मंडलायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि वे ऐसे स्थलों को चिन्हित कर तत्काल अतिक्रमण मुक्त कराएं ताकि यातायात सुचारू रह सके।
ओवरलोडिंग पर लगाम: ओवरलोड वाहनों के विरुद्ध निरंतर और सख्त चेकिंग अभियान चलाया जाएगा।
सेफ्टी ऑडिट: सभी एक्सप्रेस-वे और मुख्य मार्गों का रेगुलर सुरक्षा ऑडिट होगा।
कैशलेस इलाज: सड़क हादसे में घायल हर पात्र व्यक्ति तक ‘कैशलेस उपचार योजना’ का लाभ समय पर पहुँचाने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में अपर जिलाधिकारी पूर्वी, एसीपी यातायात, पीडब्ल्यूडी, एनएचएआई, स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मंडलायुक्त ने अंत में सभी विभागों को आपसी समन्वय (Co-ordination) के साथ काम करने की हिदायत दी ताकि भविष्य में सड़क दुर्घटनाओं को न्यूनतम किया जा सके।
Also Read: Lucknow News: नौकरी के नाम पर ठगी और दुष्कर्म करने वाला आरोपी अंकुर अग्रवाल गिरफ्तार

