माता प्रसाद पांडेय नजरबंद, नोएडा जाने से पहले पुलिस ने घेरा लखनऊ का आवास
Lucknow News: नोएडा में मजदूरों के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसक घटना में जहां चौंकाने वाले खुलासे हो रहे है वहीं इस पर सियासत भी तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को सियासी पारा चढ़ गया। समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय को पुलिस ने उनके वृंदावन योजना (सेक्टर-11) स्थित आवास पर नजरबंद कर दिया। भारी पुलिस बल ने उनके घर को चारों तरफ से घेर लिया है ताकि वे नोएडा दौरे पर न निकल सकें।
नजरबंदी के दौरान माता प्रसाद पांडेय ने सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा, यह लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। जब भी योगी सरकार जनता के मुद्दों से डरती है, तो पुलिस को आगे कर देती है। हम मजदूरों के हक की आवाज उठाते रहेंगे, चाहे सरकार कितनी भी नजरबंदी कर ले।
क्यों नोएडा जा रहा था सपा का डेलिगेशन
नोएडा के इंडस्ट्रियल बेल्ट में पिछले कई दिनों से मजदूरों का विरोध प्रदर्शन चल रहा है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव के निर्देश पर 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल आज मजदूरों से मिलने नोएडा जाने वाला था। इस डेलिगेशन का नेतृत्व माता प्रसाद पांडेय को करना था। दल में राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी, विधायक अतुल प्रधान और पंकज कुमार मलिक, पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर और कमाल अख्तर, पूर्व एमएलसी शशांक यादव व अन्य पदाधिकारी शामिल हैं।
इस बीच, नोएडा पुलिस ने श्रमिकों के प्रदर्शन को लेकर एक सनसनीखेज दावा किया है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया कि 13 अप्रैल को हुए उपद्रव के पीछे पाकिस्तान का हाथ होने के साक्ष्य मिले हैं। सोशल मीडिया ‘एक्स’ (X) से मिली जानकारी के मुताबिक, कुछ फर्जी अकाउंट्स पाकिस्तान से संचालित हो रहे थे, जिनके जरिए स्थानीय मजदूरों को भड़काया गया। पुलिस का दावा है कि विदेशी हैंडल्स के जरिए मजदूरों को हिंसा के लिए उकसाया गया ताकि औद्योगिक क्षेत्र में अशांति फैले।
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