मायावती ने फूंका चुनावी शंखनाद, विरोधियों की छलावापूर्ण राजनीति से बचने की अपील

Lucknow News: बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने आगामी विधानसभा आमचुनावों को लेकर पार्टी की तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। रविवार को लखनऊ के 12 माल एवेन्यू स्थित प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय बैठक में उन्होंने पोलिंग बूथ स्तर तक संगठन की जमीनी मजबूती, चुनावी रणनीतियों, आर्थिक सहयोग और सर्वसमाज में जनाधार बढ़ाने के उपायों की व्यापक समीक्षा की।

बैठक में बसपा प्रमुख ने देश के वर्तमान राजनीतिक और आर्थिक हालातों पर गहरी चिंता जताते हुए जनता से अपील की कि वे विरोधी दलों के संकीर्ण एजेंडे और लोकलुभावन छलावे से खुद को दूर रखें। उन्होंने तीखा सवाल दागते हुए कहा कि आज के दौर में आम नागरिकों का आत्म-सम्मान के साथ जीना भी दूभर हो गया है, जो बेहद चिंताजनक है।

बूथ प्रभारियों की प्रगति रिपोर्ट पर जताया संतोष

बैठक के दौरान बसपा सुप्रीमो ने पिछले दिशा-निर्देशों के क्रियान्वयन की प्रगति रिपोर्ट पर संतोष व्यक्त किया। इसके बावजूद, उन्होंने पदाधिकारियों को आगाह किया कि आज के दौर में चुनाव अत्यधिक चुनौतीपूर्ण और नई-नई जटिलताओं के बीच लड़े जा रहे हैं, इसलिए तैयारियों को हर स्तर पर और भी अधिक चुस्त-दुरुस्त और आक्रामक बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर पार्टी के पक्ष में माहौल लगातार मजबूत हो रहा है, जिसे वोटों में तब्दील कर उत्तर प्रदेश में पांचवीं बार सर्वजन-हितैषी सरकार बनाने के मिशनरी लक्ष्य को हर हाल में हासिल करना है। यूपी विधानसभा चुनाव के लिए मजबूत, जनाधार वाले और जन-उपयोगी प्रत्याशियों का चयन करते समय पूरी सावधानी बरती जा रही है, जो देश और जनहित में बेहद जरूरी कदम है।

मायावती ने फूंका चुनावी शंखनाद, विरोधियों की छलावापूर्ण राजनीति से बचने की अपील

विरोधियों के षड्यंत्र का डटकर मुकाबला करने की हिदायत

बैठक में राज्य, जिला, विधानसभा और मुख्य रूप से पोलिंग बूथ स्तर के प्रभारियों ने अपनी रिपोर्ट पेश की। मायावती ने चुनावी तैयारियों में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही न बरतने की सख्त हिदायत दी। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे विरोधी दलों के जुगाड़ू तंत्र और चालबाजियों का मुकाबला सन् 2007 की तर्ज पर पूरी ताकत से एकजुट होकर करें। उन्होंने हाथी पर बटन दबाना है, सत्ता में वापस आना है का नारा दोहराते हुए कहा कि सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय की सरकार बनाने के लिए दलित, पिछड़े, ब्राह्मण और सर्वसमाज को अपनी इज्जत, आबरू और जान-माल की तरह ही अपने वोट की सुरक्षा भी सुनिश्चित करनी होगी।

मायावती ने फूंका चुनावी शंखनाद, विरोधियों की छलावापूर्ण राजनीति से बचने की अपील

हालिया पांच राज्यों के चुनावी नतीजों से सबक लेने पर जोर

बसपा प्रमुख ने हाल ही में संपन्न हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों का संदर्भ देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में होने वाले आगामी चुनावों में हमें बीते अनुभवों से सबक लेकर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी दल चुनाव के समय बड़े-बड़े वादों की खानापूर्ति और अप्रत्याशित हथकंडों से मतदाताओं को प्रभावित करने में कामयाब हो जाते हैं, लेकिन सत्ता में आने के बाद जनहित की नीतियां लागू करने के बजाय वे केवल जनता का ध्यान भटकाने वाले एजेंडों में लग जाते हैं। इसके बाद जनता खुद को ठगा हुआ महसूस करती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे कैडर कैंपों के माध्यम से जनता को इस छलावे और वादाखिलाफी के प्रति जागरूक करें।

देश के कड़वे होते आर्थिक और सामाजिक हालातों तथा प्रधानमंत्री द्वारा संयम बरतने की अपील पर टिप्पणी करते हुए मायावती जी ने कहा कि बड़े पूंजीपतियों और धन्नासेठों के अनुकूल बनाई जा रही सरकारी नीतियों के चलते आज देश के करोड़ों परिवार महंगाई, बेरोजगारी और नए-नए कड़े नियमों के तनाव में जीने को मजबूर हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकारों को कल्याणकारी होने के अपने संवैधानिक दायित्व से मुंह नहीं मोड़ना चाहिए और कानून-व्यवस्था, सामाजिक सौहार्द व रोजगार जैसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

यूपी की जनता के पास कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण के मामले में बसपा की चार बार की बेहतरीन सरकारों का आजमाया हुआ उदाहरण है। उन्होंने याद दिलाया कि 2007 में बसपा सरकार ने ही ब्राह्मण समाज सहित समाज के सभी कमजोर तबकों को उपेक्षा से निकालकर सत्ता और संगठन में उचित और सम्मानजनक भागीदारी दी थी।

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