पहलगाम आतंकी हमले में हाफिज सईद पर NIA का शिकंजा, कोर्ट ने जारी किया गैर-जमानती वारंट
Hafiz Saeed: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हाफिज सईद के खिलाफ बड़ी कानूनी कार्रवाई की है। विशेष एनआईए अदालत ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 8 जुलाई को विशेष एनआईए न्यायाधीश ने यह आदेश दिया, जबकि 6 जुलाई को एजेंसी ने उसके खिलाफ पूरक आरोपपत्र (चार्जशीट) दाखिल किया था।
हाफिज सईद को भारत, अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) पहले ही वैश्विक आतंकवादी घोषित कर चुके हैं। उसे 2008 के मुंबई आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड भी माना जाता है।
अदालत ने गिरफ्तारी को बताया जरूरी
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि मामले की निष्पक्ष, पूरी और प्रभावी जांच के लिए आरोपी की गिरफ्तारी और हिरासत में पूछताछ आवश्यक है। इसलिए उसके खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है। अदालत ने वारंट को लागू कराने के लिए इसे एनआईए जम्मू के उप महानिरीक्षक को भेजने का निर्देश भी दिया।
एनआईए ने अदालत को बताया कि पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के सरगोधा का रहने वाला 76 वर्षीय हाफिज सईद फरार है और जानबूझकर गिरफ्तारी से बच रहा है। इसी आधार पर एजेंसी ने उसके खिलाफ वारंट जारी करने की मांग की थी।
युद्ध छेड़ने और साजिश रचने के भी आरोप
पूरक आरोपपत्र में हाफिज सईद को व्यक्तिगत रूप से, प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-तैयबा और उससे जुड़े संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) के प्रमुख के रूप में आरोपी बनाया गया है। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
एनआईए के अनुसार, आरोपपत्र में भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने, सीमा पार से साजिश रचने और पाकिस्तान की भूमिका से जुड़े वैज्ञानिक जांच एवं जमीनी सबूत भी शामिल किए गए हैं।

