सीएम सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान, पटना की नई टाउनशिप का नाम होगा पाटलिपुत्र

Sandesh Wahak Digital Desk: बिहार की राजधानी पटना के शहरी विस्तार को लेकर राज्य सरकार ने एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। पटना में बनने जा रही अत्याधुनिक और भव्य प्रस्तावित टाउनशिप को अब पाटलिपुत्र के नाम से जाना जाएगा। सूबे के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने फुलवारी शरीफ के नदियावां में आयोजित सहयोग शिविर के दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए यह महत्वपूर्ण ऐलान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नए शहर की पहचान को पटना के गौरवशाली और प्राचीन इतिहास से जोड़ने के लिए यह कदम उठाया गया है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना के कंकड़बाग इलाके का जिक्र करते हुए कहा कि एक दौर में कंकड़बाग पटना की मुख्य पहचान हुआ करता था। 60 और 70 के दशक में जब वहां काम शुरू हुआ, तो उसे एशिया की सबसे बड़ी टाउनशिप कहा जाता था। लेकिन समय के साथ योजनाबद्ध विकास न होने के कारण धीरे-धीरे वह इलाका स्लम (मलिन बस्ती) में तब्दील हो गया। अब उसमें टाउनशिप जैसी कोई बात नहीं बची है। सीएम ने अपने पुराने अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि जब वह नगर विकास मंत्री थे, तब कंकड़बाग से जलजमाव की समस्या दूर करना और पानी निकालना एक बड़ी चुनौती थी, जिसे बाद में धीरे-धीरे ठीक किया गया।

नाम बदलने की राजनीति और जनभावनाओं पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्सर कई लोग यह मुद्दा उठाते हैं कि यह क्षेत्र ऐतिहासिक मगध की राजधानी था और इसका नाम पाटलिपुत्र होना चाहिए। इसी सोच को अमलीजामा पहनाते हुए सरकार अब एक बेहद आधुनिक टाउनशिप का निर्माण करने जा रही है। उन्होंने कहा, मैंने सिर्फ नाम बदलने का नहीं, बल्कि एक ‘बड़े पटना’ (ग्रेटर पटना) की कल्पना की है। इस नए और आधुनिक शहर की पहचान पाटलिपुत्र के रूप में होगी, जिससे अब किसी भी वर्ग या नागरिक को कोई आपत्ति नहीं होगी। सरकार के इस फैसले से पटना के रियल एस्टेट और बुनियादी ढांचे को एक नई दिशा मिलने की उम्मीद है, जिससे प्राचीन ऐतिहासिक नाम एक बार फिर आधुनिक नक्शे पर मजबूती से उभरेगा।

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