कर्नाटक में मंत्रियों को मिले विभाग, सीएम शिवकुमार ने अपने पास रखा वित्त और खुफिया मंत्रालय

Sandesh Wahak Digital Desk: कर्नाटक में नई सरकार के गठन के बाद मंत्रियों के विभागों को लेकर चल रहा लंबा इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। नवनियुक्त मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने गुरुवार देर रात अपनी कैबिनेट के 13 मंत्रियों के बीच विभागों का अंतिम बंटवारा कर दिया। मंत्रियों और उनके विभागों की यह सूची औपचारिक मंजूरी और आधिकारिक अधिसूचना जारी करने के लिए राज्यपाल थावरचंद गहलोत को भेज दी गई है। मुख्यमंत्री शिवकुमार ने प्रशासनिक पकड़ मजबूत रखते हुए वित्त, गृह मंत्रालय की खुफिया विंग, मंत्रिमंडल मामले, कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग और अन्य सभी गैर-आवंटित विभाग अपने पास ही रखे हैं।

पहली बार कैबिनेट में शामिल हुए यतींद्र को बड़ा प्रभार

इस कैबिनेट विस्तार में पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस कार्यसमिति के वरिष्ठ सदस्य सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र सिद्धारमैया को पहली बार मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है। पहली बार कैबिनेट का हिस्सा बने यतींद्र को बेहद महत्वपूर्ण और बहुप्रतीक्षित शहरी विकास मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इसके साथ ही, प्रियंक खड़गे को राज्य का नया गृह मंत्री (खुफिया शाखा को छोड़कर) बनाया गया है। गृह विभाग के अलावा प्रियंक के पास सूचना प्रौद्योगिकी एवं जैव प्रौद्योगिकी और ई-गवर्नेंस विभाग का जिम्मा भी रहेगा। वहीं, कृष्णा बायर गौड़ा को ‘ग्रेटर बेंगलुरु विकास विभाग’ का प्रभार दिया गया है, जिसके तहत ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी, बेंगलुरु मेट्रो रेल कॉरपोरेशन, बेंगलुरु जल आपूर्ति एवं सीवरेज बोर्ड और तमाम नगर निगम उनके नियंत्रण में काम करेंगे। कैबिनेट के अन्य वरिष्ठ मंत्रियों के विभागों में भी कई अहम बदलाव देखने को मिले हैं।

जी. परमेश्वर (उपमुख्यमंत्री): राजस्व और खेल विभाग (पिछली सरकार में इनके पास गृह मंत्रालय था)।

यू.टी. खादर: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग (इससे पहले वे विधानसभा अध्यक्ष की भूमिका में थे)।

के.एच. मुनियप्पा: खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले।

के.जे. जॉर्ज: ऊर्जा और पर्यटन विभाग।

एम.बी. पाटिल: बड़े एवं मध्यम उद्योग तथा आधारभूत संरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) विकास।

रामलिंगा रेड्डी: जल संसाधन (प्रमुख एवं मध्यम सिंचाई)।

सतीश जारकीहोली: लोक निर्माण विभाग (PWD)।

बैराथी सुरेश: परिवहन विभाग।

शरण प्रकाश पाटिल: चिकित्सा शिक्षा और कौशल विकास विभाग।

ईश्वर खंड्रे: ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज (RDPR)।

राज्यपाल की अंतिम संस्तुति मिलते ही यह नया विभाग आवंटन औपचारिक रूप से पूरे राज्य में प्रभावी हो जाएगा।

Also Read: PAK vs AUS: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पाकिस्तान का ऐतिहासिक कारनामा, बनी एशिया की पहली टीम

Get real time updates directly on you device, subscribe now.