‘भगवा’ जर्सी विवाद पर हॉकी इंडिया में दरार? अध्यक्ष दिलीप तिर्की ने उठाए सवाल, बोले- मुझे अंधेरे में रखा गया
Sports News: एफआईएच हॉकी विश्व कप 2026 के लिए भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीम की पारंपरिक नीली जर्सी की जगह भगवा रंग की नई जर्सी लाने का फैसला विवादों में घिर गया है।
अब इस मामले में हॉकी इंडिया के अध्यक्ष और पूर्व भारतीय कप्तान दिलीप तिर्की ने अपनी ही संस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
उनका कहना है कि जर्सी का रंग बदलने जैसे अहम फैसले की जानकारी उन्हें पहले से नहीं दी गई और न ही इस पर एग्जीक्यूटिव बोर्ड में कोई चर्चा हुई।
‘मुझसे बिना चर्चा के लिया गया फैसला’
दिलीप तिर्की ने हॉकी इंडिया के एग्जीक्यूटिव बोर्ड को भेजे ईमेल में कहा कि राष्ट्रीय टीम की जर्सी बदलने का फैसला तय प्रशासनिक प्रक्रिया का पालन किए बिना लागू कर दिया गया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी आपत्ति जर्सी के रंग को लेकर नहीं, बल्कि निर्णय लेने की प्रक्रिया को लेकर है।
तिर्की ने लिखा कि राष्ट्रीय टीम की पहचान से जुड़े किसी भी बड़े फैसले पर पहले निर्वाचित नेतृत्व और एग्जीक्यूटिव बोर्ड से चर्चा होना जरूरी था।
उन्होंने इसे किसी भी राष्ट्रीय खेल महासंघ की स्वस्थ प्रशासनिक परंपरा बताया।

तीन सवालों पर मांगा जवाब
हॉकी इंडिया के अध्यक्ष ने कार्यकारी निदेशक कमांडर आर.के. श्रीवास्तव को निर्देश दिया है कि सभी एग्जीक्यूटिव बोर्ड सदस्यों को विस्तृत रिपोर्ट भेजी जाए। उन्होंने तीन अहम सवालों के जवाब मांगे हैं—
- जर्सी का रंग बदलने की मंजूरी किसने दी?
- इस फैसले में कौन-कौन अधिकारी शामिल थे?
- अध्यक्ष और एग्जीक्यूटिव बोर्ड से सलाह क्यों नहीं ली गई?
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
नई भगवा जर्सी सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर तीखी बहस शुरू हो गई। कई लोगों ने इसे भारतीय हॉकी टीम की पारंपरिक पहचान से जोड़कर सवाल उठाए, जबकि कुछ राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं।
हालांकि, हॉकी इंडिया का कहना है कि जर्सी का नया डिजाइन पूरी तरह खेल और डिजाइन से जुड़ा फैसला है, इसका किसी राजनीतिक उद्देश्य से कोई संबंध नहीं है।
ओडिशा सरकार ने भी मांगी जानकारी
दिलीप तिर्की ने अपने पत्र में यह भी बताया कि इस विवाद को लेकर ओडिशा सरकार ने भी उनसे जवाब मांगा था।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक रूप से उन्होंने हमेशा यही कहा कि यह खेल से जुड़ा फैसला है, ताकि विश्व कप से पहले खिलाड़ियों का ध्यान न भटके।
हालांकि, उन्होंने माना कि निर्णय लेने की प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवाल स्वाभाविक हैं।
पहले से विवादों में है हॉकी इंडिया
यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब हॉकी इंडिया पहले ही कई प्रशासनिक विवादों से घिरा हुआ है।
हाल ही में उपाध्यक्ष असुंता लाकड़ा ने महासचिव भोला नाथ सिंह पर धमकी देने का आरोप लगाया था।
इसके बाद खेल मंत्रालय ने मामले की स्वतंत्र जांच कराने और आंतरिक शिकायत समिति (ICC) के पास भेजने के निर्देश दिए थे।
ऐसे में जर्सी विवाद ने हॉकी इंडिया की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

