Pratapgarh News: कुंडा में बढ़ते अनसुलझे हत्याकांड, इंसाफ के इंतजार में पीड़ित परिवार
Pratapgarh News: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के कोतवाली क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों से हो रही संदिग्ध मौतें और चर्चित हत्याकांड अब तक अनसुलझे हैं। कई मामलों में परिवार सालों से न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन उन्हें अब तक केवल जांच और आश्वासन ही मिला है। इसी बीच तीन दिन पहले मिले गल्ला व्यापारी मुन्नेलाल साहू का शव एक बार फिर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय लोगों में डर है कि यह मामला भी बाकी मामलों की तरह फाइलों में दबकर न रह जाए।
लगातार अनसुलझे मर्डर केसों से बढ़ी चिंता
बता दें कि सबसे चर्चित मामलों में जमेठी गांव के शिक्षामित्र पवन सिंह की गुमशुदगी और हत्या का मामला शामिल है। वर्ष 2023 में उनका नरमुंड बाईपास के पास मिला था और डीएनए से पहचान की पुष्टि हुई थी। 2022 में मुकेश कुमार साहू लापता हुए और बाद में उनका शव मिला, लेकिन हत्या का रहस्य आज भी बरकरार है। 2020 में व्यापारी रामकृष्ण केसरवानी का शव कानपुर में मिला था, जिसका खुलासा अब तक नहीं हुआ।
दिसंबर 2022 में चौकीदार हरिश्चंद्र मिश्र की हत्या ने पूरे जिले को हिला दिया था, लेकिन आरोपी अब तक फरार हैं। हर मामले में पुलिस जांच और कार्रवाई के दावे करती रही है, लेकिन नतीजा सामने नहीं आया।
मुन्नेलाल साहू केस से फिर बढ़ा तनाव
ताजा मामला गल्ला व्यापारी मुन्नेलाल साहू का है, जिनका शव नहर किनारे क्षत-विक्षत हालत में मिला। शरीर पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। पुलिस और फॉरेंसिक टीम जांच कर रही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला है।
वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर पुराने मामलों का समय पर खुलासा हुआ होता तो अपराधियों में डर रहता। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या मुन्नेलाल साहू केस का सच सामने आएगा या यह भी अनसुलझे मामलों की सूची में जुड़ जाएगा।
रिपोर्ट- विनोद मिश्रा

