अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी में एसआईटी की जांच तेज, कई कर्मचारियों से पूछताछ, दो हिरासत में
Ayodhya News: श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की राशि और आभूषणों में कथित गड़बड़ी के मामले में विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। टीम ने मंदिर परिसर, ट्रस्ट कार्यालय और बैंक से जुड़े दस्तावेजों की जांच के साथ ही 11 लोगों से पूछताछ की है। दो संदिग्ध कर्मचारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
रामशंकर यादव और गोपाल राय मुख्य संदिग्धों के रडार पर
मामले में अब तक रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और गोपाल राय का नाम सबसे ज्यादा सामने आया है। रामशंकर मूल रूप से ड्राइवर रहे हैं और बाद में मंदिर प्रशासन से जुड़कर चढ़ावा प्रबंधन में अहम भूमिका निभाते थे। उन पर आरोप है कि उन्होंने इस दौरान अयोध्या और लखनऊ में करोड़ों की संपत्ति बना ली। गोपाल राय विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी हैं और ट्रस्ट की ओर से दान के लेखे-जोखे की निगरानी करते थे। जांच एजेंसी इन दोनों की भूमिका को लेकर गहनता से पड़ताल कर रही है।
मिश्रा परिवार के तीन सदस्य भी जांच के दायरे में
एसआईटी ने रवि मिश्रा, उनके बेटे अनुकल्प मिश्रा और दामाद लवकुश मिश्रा से भी पूछताछ की है। तीनों एक ही परिवार के सदस्य हैं। लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा के खिलाफ 50,000 रुपये शराब पर खर्च करने जैसे फिजूलखर्ची के भी आरोप हैं। एसआईटी ने इन सभी के वित्तीय लेन-देन और संपत्ति के रिकॉर्ड खंगालने शुरू कर दिए हैं।

दान प्रबंधन प्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
राम मंदिर में करीब 40 दान पात्र रखे गए हैं, जिनमें प्रवेश द्वार, मंदिर के अंदर और निकास द्वार पर श्रद्धालु अपनी श्रद्धा अर्पित करते हैं। कुछ भक्त ट्रस्ट कार्यालय में रसीद के साथ दान करते हैं, जबकि अधिकांश दान पात्रों में गुप्त रूप से नकदी, सोना-चांदी डालते हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इसी व्यवस्था में लेखा-जोखा में गड़बड़ी की गई और करोड़ों रुपये के चढ़ावे का गबन किया गया।
एसआईटी ने मंदिर ट्रस्ट के ऑडिट विभाग, एसबीआई बैंक शाखा और नामित एजेंसी के अधिकारियों से भी जानकारी जुटाई है। जांच दल ने दान से जुड़े बैंक विवरण, लेखा अभिलेखों और सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित किया है। ट्रस्ट के आमंत्रित सदस्य गोपाल राय से दो घंटे तक पूछताछ की गई, जबकि ट्रस्ट महासचिव चंपत राय ने किसी भी अनियमितता से इनकार करते हुए ऑडिट का हवाला दिया है।
संतोष दुबे और शरद शुक्ला ने दर्ज कराई शिकायत
राम मंदिर आंदोलन से जुड़े संतोष दुबे ने कोतवाली नगर में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने ट्रस्ट पदाधिकारियों पर चढ़ावे की राशि और आभूषणों में गबन का आरोप लगाया है। उन्होंने आरोपितों का पॉलीग्राफ टेस्ट कराने और गायब संपत्ति की बरामदगी की मांग की है।
इसके अलावा, उत्तर प्रदेश युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष शरद शुक्ला ने भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर विस्तृत और निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा है कि यदि संज्ञेय अपराध के संकेत मिलते हैं तो तत्काल प्राथमिकी दर्ज की जाए।
15 दिनों में रिपोर्ट पेश करने के निर्देश
उत्तर प्रदेश सरकार ने एसआईटी को 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। अब तक जांच में पांच संदिग्ध कर्मचारियों की पहचान हुई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस मामले से जुड़ी करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को ध्यान में रखते हुए पारदर्शी जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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