Prayagraj News: मुठभेड़ में ट्रिपल मर्डर का मुख्य आरोपी समेत 6 गिरफ्तार, प्रेम संबंध के चलते की थी हत्या
Prayagraj News: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जनपद अंतर्गत मेजा थाना क्षेत्र में हुए दिल दहला देने वाले तिहरे हत्याकांड का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद मुख्य अभियुक्त हिमांशु यादव को दबोच लिया, जबकि साजिश और वारदात में शामिल उसके भाई, ग्राम प्रधान और अन्य साथियों समेत कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने एक ही परिवार के तीन बुजुर्गों के सिर पर लोहे/लकड़ी के खूंटे से ताबड़तोड़ वार कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया था। पूछताछ में मुख्य आरोपी ने कबूला कि प्रेम प्रसंग में आ रही अड़चनों को दूर करने के लिए उसने इस खूनी खेल को अंजाम दिया।
यह खौफनाक वारदात मेजा के नीबी कुकुरकटवा गांव में घटित हुई। यहाँ रहने वाले 65 वर्षीय श्यामलाल गुप्ता उर्फ कल्लू गांव के छोर पर स्थित अपने घर में परचून की दुकान चलाते थे। घर में उनके साथ उनकी पत्नी फूलकली देवी, छोटे भाई दिवंगत दूधनाथ की पत्नी इंद्रावती देवी (60) और एक अन्य भाई नींबूलाल की पत्नी अमरावती देवी (55) रहती थीं। मंगलवार सुबह जब एक पड़ोसी ने घर के पास श्यामलाल, अमरावती और इंद्रावती के लथपथ शव देखे तो हड़कंप मच गया। घर के अंदर श्यामलाल की पत्नी फूलकली बदहवास हालत में मिलीं, कातिलों ने उन्हें मानसिक रूप से अस्वस्थ पाकर छोड़ दिया था।
भतीजी से था लव अफेयर, शादी का विरोध करने पर रची साजिश
वारदात की सूचना पर पुलिस आयुक्त जोगिंदर कुमार, अपर पुलिस आयुक्त डॉ. अजयपाल शर्मा और डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। मृतक के चाचा अमरनाथ की तहरीर पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए देर शाम गांव के ही हिमांशु यादव, उसके भाई अंकित, साथी निहाल गौतम और राजन यादव को हिरासत में लिया। पूछताछ में मुख्य आरोपी हिमांशु ने बताया कि उसका श्यामलाल की भतीजी के साथ प्रेम संबंध था। दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन श्यामलाल इस रिश्ते के सख्त खिलाफ थे। पुलिस ने मामले में ग्राम प्रधान गुड्डू को भी गिरफ्तार किया है, जिसने दो महीने पहले इस विवाद को लेकर दोनों पक्षों में पंचायत कराई थी।
एक-एक कर तीनों को उतारा मौत के घाट
पुलिस तफ्तीश के मुताबिक, हिमांशु ने तीन दिन पहले ही श्यामलाल को रास्ते से हटाने का प्लान बना लिया था। सोमवार रात करीब 10:15 बजे हिमांशु ने श्यामलाल को फोन किया और अपने दो साथियों निहाल व राजन के साथ उनकी दुकान पर पहुंच गया। वहां शादी की बात को लेकर बहस इतनी बढ़ी कि हिमांशु ने पास पड़े खूंटे से श्यामलाल के सिर पर वार कर उन्हें मार डाला। श्यामलाल की आवाज सुनकर अमरावती देवी जैसे ही कमरे से बाहर आईं, आरोपियों ने शोर मचाने के डर से उन पर भी ताबड़तोड़ प्रहार कर उनकी जान ले ली। दोनों की हत्या कर जब आरोपी भाग रहे थे, तभी खेत की तरफ से आ रहीं इंद्रावती देवी ने उन्हें देख लिया। अपनी पहचान छुपाने के मकसद से कातिलों ने इंद्रावती को भी मौत के घाट उतार दिया।
मांडा में बनी थी मर्डर की योजना
जांच में सामने आया है कि हिमांशु यादव फेसबुक पर ‘समाजवादी टाइगर हिमांशु यादव’ नाम से अकाउंट चलाता है, जिस पर उसने युवती के साथ तस्वीरें साझा कर परिवार की असहमति की बात लिखी थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, 13 जून को हिमांशु युवती से मिलने उसके ननिहाल (मांडा क्षेत्र के राजापुर) गया था। वहां दोनों के बीच बातचीत हुई कि जब तक श्यामलाल जीवित हैं, शादी मुमकिन नहीं है। वहां से लौटने के बाद ही उसने साथियों संग मिलकर हत्या की रूपरेखा तैयार की।
गिरफ्तारी के बाद मंगलवार रात पुलिस टीम आरोपी हिमांशु को साथ लेकर वारदात में इस्तेमाल खूंटा बरामद करने गांव के बाहर झाड़ियों की तरफ गई थी, जहां उसने उसे छिपाया था। इसी दौरान हिमांशु ने अचानक एक सब-इंस्पेक्टर की सरकारी पिस्टल छीन ली और पुलिस टीम पर फायर झोंक कर भागने की कोशिश की। पुलिस की जवाबी और आत्मरक्षार्थ फायरिंग में एक गोली हिमांशु के पैर में लगी, जिससे वह घायल होकर गिर पड़ा। उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है और सभी आरोपियों के खिलाफ हत्या, जानलेवा हमले व आर्म्स एक्ट के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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