लखनऊ यूनिवर्सिटी में ईंधन और रसोई गैस की महंगाई पर फूटा सपा छात्र सभा का गुस्सा, पुलिस से तीखी नोकझोंक
Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी स्थित लखनऊ विश्वविद्यालय के गेट नंबर-1 पर बुधवार को समाजवादी छात्र सभा के कार्यकर्ताओं ने पेट्रोल, डीजल और सीएनजी (CNG) की बढ़ती कीमतों के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार विरोधी नारे लगाते हुए परिसर के बाहर जमकर हंगामा किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए तैनात पुलिस बल और छात्रों के बीच करीब 20 मिनट तक तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की होती रही। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया और प्रदर्शन कर रहे छात्रों को हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेज दिया।
जनता पर पड़ रही महंगाई की दोहरी मार
प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे छात्र नेता आदित्य ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि पेट्रोलियम पदार्थों के दामों में लगातार हो रहा इजाफा आम जनता की जेब पर डाका है। उन्होंने कहा, पेट्रोल-डीजल के साथ-साथ कमर्शियल गैस सिलेंडर और 5 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडरों के दाम बढ़ने से रोजमर्रा की जरूरी वस्तुएं भी महंगी हो गई हैं। पहले से ही आर्थिक तंगी झेल रहे आम नागरिकों के लिए यह स्थिति अब बर्दाश्त से बाहर है। वहीं, शिवा जी यादव ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार केवल पूंजीपतियों के फायदे के लिए काम कर रही है और आम जनमानस की समस्याओं से आंखें मूंदे बैठी है।

महंगे सिलेंडर और ब्लैक मार्केटिंग से त्रस्त हैं छात्र
प्रदर्शन में शामिल रोहित यादव ने विश्वविद्यालय प्रशासन और सरकार दोनों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि यह सरकार युवाओं को बेहतर शिक्षा और रोजगार देने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। छात्र नेता ने यूनिवर्सिटी की बदहाली का जिक्र करते हुए कहा कि परिसर में छात्रों के लिए साफ पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं है। सबसे बुरा हाल हॉस्टलों में रह रहे गरीब और किसान परिवारों के बच्चों का है, जिन्हें या तो गैस सिलेंडर मिल नहीं रहे हैं और अगर मिल भी रहे हैं, तो उन्हें ब्लैक में दोगुनी कीमतों पर खरीदना पड़ रहा है। छात्रों ने मांग की है कि बढ़े हुए दामों को सरकार तत्काल प्रभाव से वापस ले।
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