छात्रों की FIR खत्म करने SC पहुंची केंद्र सरकार, अनुच्छेद 142 के तहत मांगी राहत
Supreme Court: जुलाई में हुए छात्र प्रदर्शन से जुड़े मामलों में दर्ज FIR को खत्म करने के लिए केंद्र सरकार अब सुप्रीम कोर्ट का रुख करेगी। सरकार अनुच्छेद 142 के तहत कोर्ट की विशेष शक्ति इस्तेमाल करने की मांग करेगी। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सोमवार को CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने इस मामले का जिक्र किया और जल्द सुनवाई की मांग की।
CJI ने आवेदन के बारे में पूछा तो तुषार मेहता ने बताया कि यह प्रदर्शन से जुड़ी FIR खत्म करने के लिए है। इस पर कोर्ट ने कहा कि अगर संबंधित पक्ष आपसी सहमति से मामले का समाधान चाहते हैं तो उसे आपत्ति नहीं है।
सामान्य प्रक्रिया में क्यों आती है दिक्कत?
FIR दर्ज होने के बाद सरकार उन्हें सीधे खत्म नहीं कर सकती। पुलिस जांच के बाद क्लोजर रिपोर्ट मजिस्ट्रेट के सामने रख सकती है। रिपोर्ट स्वीकार या खारिज करने का अधिकार मजिस्ट्रेट के पास होता है। इसी कानूनी प्रक्रिया में समय लग सकता है।
18 अगस्त की सुनवाई में भी अनुच्छेद 142 के इस्तेमाल की संभावना सामने आई थी। यह प्रावधान सुप्रीम कोर्ट को ‘Complete Justice’ के लिए विशेष आदेश देने की शक्ति देता है। हालांकि, इसका इस्तेमाल कानून को पूरी तरह नजरअंदाज करने के लिए नहीं किया जा सकता।
2,873 लोगों को नहीं मिलेगी राहत?
18 अगस्त को सरकार ने बताया था कि 2,873 लोगों को छोड़कर बाकी मामलों को खत्म किया जा सकता है। इन लोगों पर हत्या, रेप, किडनैपिंग और अन्य गंभीर अपराधों के मामले बताए गए थे। सरकार का कहना था कि ऐसे मामलों की जांच सामान्य कानूनी प्रक्रिया से होनी चाहिए।
यह कदम 5 सितंबर के CJP के प्रस्तावित विरोध मार्च से पहले अहम है। जुलाई के प्रदर्शन के बाद केस वापस लेने की मांग उठी थी। अब केंद्र की पहल से छात्रों को राहत मिलने का रास्ता खुल सकता है। हालांकि, अंतिम फैसला सुप्रीम कोर्ट करेगा और वही तय करेगा कि किन FIR को खत्म किया जाए।

