संजय निषाद के नाम का शिलापट्ट तोड़े जाने पर भड़के समर्थक, कड़े विरोध के बाद पुलिस ने बदला पत्थर
Gorakhpur News: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद के नाम वाले एक शिलापट्ट को अराजक तत्वों द्वारा क्षतिग्रस्त किए जाने के बाद गोरखपुर के चौरीचौरा इलाके में भारी राजनीतिक तनाव फैल गया। घटना ब्रह्मपुर ब्लॉक से आमघाट संपर्क मार्ग की है, जहाँ सड़क शिलान्यास या लोकार्पण के बोर्ड को कुछ उपद्रवियों ने तोड़ दिया। इस बात की भनक लगते ही मंत्री के सैकड़ों समर्थक आक्रोशित हो गए और शनिवार रात करीब 11 बजे घटनास्थल पर ही धरने पर बैठ गए। रात के समय बढ़ते जनआक्रोश और कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए स्थानीय पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कैबिनेट मंत्री के बेटे और स्थानीय विधायक ई. सरवन निषाद ने पुलिस और प्रशासनिक आलाधिकारियों से सीधे फोन पर बात की। उन्होंने प्रशासन के सामने कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए तत्काल नया शिलापट्ट लगवाए जाने की मांग की।
रात में ही देवरिया से मंगाया नया पत्थर
तनावपूर्ण स्थिति को नियंत्रित करने के लिए नई बाजार चौकी प्रभारी अशोक सिंह ने मोर्चा संभाला। उन्होंने शनिवार देर रात ही प्रदर्शनकारी समर्थकों को यह पुख्ता आश्वासन दिया कि रविवार सुबह होने से पहले हर हाल में नया शिलापट्ट स्थापित कर दिया जाएगा।
अपने वादे को पूरा करने के लिए पुलिस टीम ने शनिवार रात में ही पड़ोसी जिले देवरिया से संपर्क कर आनन-फानन में नया शिलापट्ट तैयार करवाया। रविवार सुबह करीब 10 बजे भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच इस नए शिलापट्ट को पुरानी जगह पर दोबारा पूरी गरिमा के साथ स्थापित करा दिया गया, जिसके बाद ही समर्थकों ने अपना धरना समाप्त किया।
इस पूरे मामले को लेकर विधायक प्रतिनिधि अमित जायसवाल ने शनिवार देर रात झंगहा थाने में लिखित तहरीर देकर नामजद और अज्ञात अराजक तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और उनकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। तहरीर मिलते ही पुलिस एक्शन मोड में आ गई। झंगहा थाना पुलिस ने रात में ही इलाके के कई संदिग्ध ठिकानों पर ताबड़तोड़ दबिश दी। पुलिस ने इस मामले में अब तक आधा दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है, जिनसे बंद कमरे में पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

