राज्यसभा में बदल रहा समीकरण! TMC की टूट से NDA बहुमत के और करीब

Sandesh Wahak Digital Desk: तृणमूल कांग्रेस (TMC) में जारी बगावत और हालिया राज्यसभा चुनावों के बाद संसद के उच्च सदन का गणित बदलता दिखाई दे रहा है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि इन घटनाक्रमों का सबसे बड़ा फायदा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को मिल सकता है, जो अब राज्यसभा में दो-तिहाई बहुमत के और करीब पहुंचता नजर आ रहा है।

सूत्रों के मुताबिक, मौजूदा समय में राज्यसभा में NDA के पास करीब 148 सांसदों का समर्थन है। आगामी चुनावों और संभावित उपचुनावों के बाद यह संख्या बढ़कर 154 तक पहुंच सकती है।

NDA को कैसे मिलेगा फायदा?

राज्यसभा की कुछ सीटों पर होने वाले चुनाव और TMC सांसदों के इस्तीफों से खाली हुई सीटें NDA के लिए अवसर बन सकती हैं।

संभावित बढ़त के प्रमुख कारण:

  • झारखंड और मिजोरम की सीटों पर NDA की मजबूत स्थिति।
  • TMC के चार राज्यसभा सांसदों के इस्तीफे के बाद होने वाले उपचुनाव।
  • TMC में जारी असंतोष के कारण और सांसदों के अलग होने की संभावना।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि यह घटनाक्रम जारी रहा तो NDA राज्यसभा में 163 के आंकड़े तक पहुंच सकता है, जो संवैधानिक संशोधनों के लिए जरूरी दो-तिहाई बहुमत के करीब माना जा रहा है।

TMC में बगावत का बड़ा असर

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली TMC को हाल के दिनों में बड़ा झटका लगा है। पार्टी के 20 लोकसभा सांसदों ने अलग गुट बनाने की घोषणा कर दी है और लोकसभा अध्यक्ष से अलग बैठने की अनुमति भी मांगी है।

बागी नेताओं का दावा है कि उनकी संख्या पार्टी के कुल सांसदों के दो-तिहाई से अधिक है। वहीं वरिष्ठ नेता सुदीप बंद्योपाध्याय ने कहा है कि असली तृणमूल कांग्रेस कौन है, इसका फैसला अब अदालत में होगा।

लोकसभा में अभी दूर है दो-तिहाई बहुमत

हालांकि राज्यसभा में NDA की स्थिति मजबूत होती दिख रही है, लेकिन लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत का आंकड़ा अभी भी दूर है।

लोकसभा का गणित:

  • NDA की संभावित संख्या: 313
  • दो-तिहाई बहुमत के लिए जरूरी संख्या: 363
  • अंतर: 50 सीटें

यानी लोकसभा में अभी भी NDA को काफी दूरी तय करनी होगी।

INDIA गठबंधन की स्थिति भी बदलती दिखाई दे रही है। डीएमके और आम आदमी पार्टी के अलग रुख के बाद विपक्षी खेमे की संख्या सीमित हुई है। ऐसे में राज्यसभा में आने वाले महीनों में सत्ता और विपक्ष के बीच शक्ति संतुलन में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

आगे क्या?

नवंबर तक कुछ सांसदों का कार्यकाल समाप्त होने और विभिन्न राज्यों में बदलते राजनीतिक समीकरणों के चलते राज्यसभा का गणित लगातार बदल सकता है। ऐसे में आने वाले महीनों में संसद के दोनों सदनों की तस्वीर और स्पष्ट होगी।

Also Read: लोकसभा में 360 सीटों के लक्ष्य पर NDA, TMC के बाद अब उद्धव गुट में टूट के संकेत

Get real time updates directly on you device, subscribe now.