Varanasi News: मित्र पुलिस ने बिछड़ी मासूम को परिवार से मिलाया
Varanasi News: धर्मनगरी काशी के प्रसिद्ध नमो घाट पर पर्यटक थाना वाराणसी की टीम ने संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए मित्र पुलिस की एक बेहद सुंदर मिसाल पेश की है। पुलिस आयुक्त वाराणसी के कड़े निर्देशों के तहत नमो घाट पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रही पुलिस टीम की नजर फोल्डिंग हैंड के पास रोती-बिलखती एक मासूम बच्ची पर पड़ी। पुलिसकर्मियों ने बिना देर किए उस बच्ची को अपनी सुरक्षा में लिया और उसका ढांढस बंधाया। जांच करने पर पता चला कि बच्ची का नाम अनायत वारसी है और वह भीड़ में अपने परिवार से बिछड़ गई थी।
बच्ची को सही-सलामत पाकर आंखों में आए आंसू
अकेली और सहमी हुई मासूम को संभालने के साथ ही पुलिस टीम ने तुरंत उसके माता-पिता की तलाश शुरू कर दी। अपनी सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई के बल पर टीम ने कुछ ही समय में गोपीगंज (भदोही) से आए बच्ची के परिजनों को ढूंढ निकाला। उचित तस्दीक और कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बच्ची को सकुशल उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया। अपनी खोई हुई लाडली को दोबारा सही-सलामत सामने देख परिजनों की आंखों में आंसू छलक आए। उन्होंने वाराणसी पुलिस के इस मानवीय चेहरे और वर्दी के पीछे छिपे बड़े दिल के प्रति बार-बार आभार जताया।
इसके साथ ही, घाटों पर आने वाले सैलानियों की सुरक्षा के प्रति सजगता दिखाते हुए पुलिस आयुक्त के निर्देश पर नाविकों को अनिवार्य रूप से लाइफ जैकेट का उपयोग करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
इस सराहनीय और मानवीय कार्य के लिए स्थानीय जनता और देश-विदेश से आए पर्यटकों द्वारा वाराणसी पुलिस की जमकर तारीफ की जा रही है। इस सफल रेस्क्यू और सुरक्षा अभियान को अंजाम देने वाले उप निरीक्षक अंकित कुलश्रेष्ठ, हेड कांस्टेबल राजकुमार, कांस्टेबल आदर्श और कांस्टेबल द्विजेश त्रिपाठी सहित पूरी टीम बधाई की पात्र है। कमिश्नरेट वाराणसी पुलिस का यह चेहरा न सिर्फ गर्व का विषय है, बल्कि ऐसी घटनाएं पुलिस और आम जनता के बीच अटूट विश्वास का सेतु बनाने का काम करती हैं।
रिपोर्ट- रंजीत बिसारिया
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