बंगाल की राजनीति में बड़ा भूचाल, TMC के बागी ऋतब्रत बनर्जी का दावा- हमारे पास 59 विधायकों का समर्थन

Sandesh Wahak Digital Desk: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बहुत बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिल रहा है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) से हाल ही में निष्कासित किए गए हावड़ा की उलुबेरिया (पूर्व) सीट से विधायक ऋतब्रत बनर्जी बुधवार सुबह अचानक विधानसभा पहुंच गए। उनके हाथ में पार्टी के 59 विधायकों का समर्थन पत्र था। विधानसभा परिसर में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने एक बड़ा दावा ठोंक दिया कि उनका बागी गुट ही अब राज्य में मुख्य विपक्षी दल है, जबकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी के प्रति वफादार गुट अब पूरी तरह अल्पमत में आ चुका है।

जब ऋतब्रत बनर्जी सुबह करीब 10:30 बजे विधानसभा परिसर पहुंचे, तो नए प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने वाले पार्टी के कई विधायक एक-एक कर उनके साथ जुड़ने लगे। बागी खेमे के विधायकों का कहना है कि उत्तरी कोलकाता के एंटाली क्षेत्र से टीएमसी के एक और निष्कासित विधायक संदीपान साहा भी किसी भी समय विधानसभा परिसर पहुंच सकते हैं। उनके आने के बाद इस गुट की रणनीति और साफ होगी।

विधायकों की गुप्त बैठक

एक बागी महिला विधायक ने बताया, संदीपान साहा के विधानसभा पहुंचते ही हमारी एक संक्षिप्त लेकिन बेहद महत्वपूर्ण बैठक होगी। इसके बाद जो भी कानूनी और राजनीतिक कदम जरूरी होगा, उस पर तुरंत फैसला लिया जाएगा और फिर आधिकारिक तौर पर मीडिया को पूरी जानकारी दी जाएगी।

अभिषेक बनर्जी पर तीखा हमला

ऋतब्रत बनर्जी ने टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर तीखा जुबानी हमला बोला। उन्होंने 30 मई को सोनारपुर में हुए हमले के बाद अभिषेक बनर्जी द्वारा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की सुरक्षा मांगे जाने पर उनकी जमकर आलोचना की। ऋतब्रत बनर्जी ने कहा, वह खुद को किस तरह का जननेता कहते हैं? पार्टी की करारी हार के बाद वह 26 दिनों तक अपने घर से बाहर तक नहीं निकले। अब वह अपनी सुरक्षा के लिए केंद्रीय बलों की मांग कर रहे हैं। इससे पहले तक तो वह मंचों से दहाड़ते थे कि जनता ही उनकी रक्षक है, तो फिर अब उन्हें सुरक्षा बलों की जरूरत क्यों पड़ रही है?

उन्होंने आगे गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस अब एक लोकतांत्रिक राजनीतिक दल न रहकर पूरी तरह कॉर्पोरेट शैली में चल रही है। पार्टी पूरी तरह से चुनावी रणनीतिकार संस्था आई-पैक पर निर्भर होकर काम कर रही है, जिससे जमीनी नेताओं में भारी नाराजगी है।

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