Lucknow News: ई-रिक्शा से रेकी कर घरों में चोरी करने वाले दो शातिर गिरफ्तार, जेवरात व नकदी बरामद
Lucknow News: राजधानी लखनऊ के उत्तरी इलाके में बंद मकानों के ताले तोड़कर लगातार चोरियों को अंजाम देने वाले एक शातिर गिरोह का सैरपुर थाना पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है, जो ई-रिक्शा की आड़ में बंद घरों की रेकी करते थे और फिर वहां हाथ साफ कर देते थे। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से विभिन्न घरों से चोरी किए गए सोने-चांदी के आभूषण, नकदी और चोरी के माल को ढोने में इस्तेमाल होने वाला ऑटो ई-रिक्शा भी बरामद किया गया है।
घटनाक्रम के मुताबिक, शनिवार को थाना सैरपुर की पुलिस टीम कानून-व्यवस्था बनाए रखने और संदिग्धों की चेकिंग के लिए छठामील चौकी क्षेत्र के ग्राम पल्हरी मोड़ पर मुस्तैद थी। इसी दौरान पुलिस को एक विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली कि क्षेत्र में हुई चोरियों के मुल्जिमान चोरी की वारदात में इस्तेमाल होने वाले ई-रिक्शा के साथ फर्रुखाबाद मोड़ के पास खड़े हैं। वे किसी नए बंद मकान को निशाना बनाने की फिराक में थे। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए थानाध्यक्ष मनोज कुमार कोरी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों आरोपियों को धर दबोचा।

मैकेनिक और वेल्डर निकले चोर
पुलिस अभिरक्षा में लिए गए आरोपियों की पहचान मोहम्मद वैश खान (उम्र 22 वर्ष, पेशा- वाहन मैकेनिक) और सलमान (उम्र 23 वर्ष, पेशा- लोहा वेल्डिंग), दोनों निवासी मुत्तकीपुर, थाना मड़ियांव, लखनऊ के रूप में हुई है। पूछताछ में इन शातिरों ने बताया कि वे दिन में ई-रिक्शा लेकर निकलते थे ताकि किसी को शक न हो। इस दौरान वे उन बंद मकानों को चिह्नित करते थे, जिनके मालिक बाहर गए होते थे। सन्नाटा देखकर वे घर का ताला तोड़ते थे और कीमती जेवरात व नकदी बटोरकर ई-रिक्शा में छिपाकर फरार हो जाते थे। अपने तकनीकी पेशे के कारण इन्हें ताले और लोहे की ग्रिल आदि को कटर से काटने में आसानी होती थी।
पकड़े गए अभियुक्तों के पास से बरामद सामानों की जब जांच की गई, तो पता चला कि यह माल थाना सैरपुर में पहले से दर्ज तीन अलग-अलग चोरियों के मुकदमों से जुड़ा हुआ है। इस सफल बरामदगी के बाद पुलिस ने दर्ज मुकदमों में चोरी का माल पास में रखने से संबंधित विधिक धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी कर दी है। पुलिस टीम द्वारा इस पूरी कार्रवाई के दौरान सर्वोच्च न्यायालय और मानवाधिकार आयोग के सभी नियमों का कड़ाई से पालन किया गया।

