यूपी में NHM संविदाकर्मियों को 16 दिन की स्पेशल लीव, शिक्षामित्र 60 साल तक कर सकेंगे आवेदन
UP News: उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों के लिए राहत की खबर है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संविदाकर्मियों को अब तय परिस्थितियों में अधिकतम 16 दिन का विशेष अवकाश मिल सकेगा। वहीं, परिषदीय स्कूलों में 11,508 सहायक अध्यापकों की भर्ती में शिक्षामित्रों को आयु सीमा में छूट देने का फैसला किया गया है। इसके तहत वे 60 वर्ष की उम्र तक आवेदन कर सकेंगे।
NHM संविदाकर्मियों को किन परिस्थितियों में मिलेगी स्पेशल लीव?
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की राज्य कार्यक्रम प्रबंधन इकाई ने मानव संसाधन नीति में चिकित्सा अवकाश से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। राज्य इकाई की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, संविदाकर्मी अपनी शादी, बेटे-बेटी या भाई-बहन की शादी और परिवार में मृत्यु जैसी परिस्थितियों में विशेष अवकाश ले सकेंगे। गंभीर बीमारी या अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में भी यह सुविधा मिल सकेगी।
विशेष अवकाश की अधिकतम सीमा 16 दिन तय की गई है। हालांकि, अवकाश मिलना कर्मचारी के उपलब्ध लीव बैलेंस और तय नियमों पर निर्भर करेगा।
आवेदन के साथ देने होंगे जरूरी दस्तावेज
विशेष अवकाश लेने के लिए कर्मचारियों को कारण बताते हुए आवेदन करना होगा। आवेदन में जरूरत के अनुसार समय-सीमा का उल्लेख भी करना होगा। अवकाश के बाद संबंधित स्थिति के प्रमाण के तौर पर चिकित्सा प्रमाणपत्र, अस्पताल के रिकॉर्ड, मृत्यु प्रमाणपत्र, शादी का प्रमाण या अन्य जरूरी दस्तावेज विभाग में जमा करने होंगे।
11,508 शिक्षक भर्ती में शिक्षामित्रों को 60 साल तक मौका
उत्तर प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में 11,508 सहायक अध्यापकों की भर्ती में शिक्षामित्रों को आयु सीमा में छूट देने का फैसला किया गया है। इसके तहत शिक्षामित्र अधिकतम 60 वर्ष की उम्र तक आवेदन कर सकेंगे।
अपर मुख्य सचिव, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने इस संबंध में बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव को निर्देश भेजे हैं। नगर क्षेत्र के 11,508 सहायक अध्यापकों के पदों पर चल रही चयन और नियुक्ति प्रक्रिया में शिक्षामित्रों को दी गई आयु छूट शामिल की जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर लिया गया फैसला
यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद लिया गया है। उत्तर प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में काम करने वाले शिक्षामित्र पहले नियमित शिक्षकों की तरह काम कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें फिर शिक्षामित्र के पद पर भेज दिया गया। इससे पहले भी दो भर्तियों में उन्हें भारांक और आयु सीमा में छूट दी जा चुकी है।
69 हजार शिक्षक भर्ती मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षामित्रों को अगली चयन प्रक्रिया में एक और अवसर देने पर सरकार से विचार करने को कहा था। इसी निर्देश के बाद सरकार ने आयु सीमा में छूट देने का फैसला किया।
सामान्य अभ्यर्थियों के लिए इस भर्ती में आयु सीमा एक जुलाई के आधार पर 21 से 40 वर्ष निर्धारित है। वहीं, शिक्षामित्रों की सेवानिवृत्ति आयु वर्ष 2023 में बढ़ाकर 60 वर्ष की गई थी। नए फैसले के तहत वे 60 वर्ष की आयु तक भर्ती के लिए आवेदन कर सकेंगे।
Also Read: यूपी MLC चुनाव में बड़ी कार्रवाई, आगरा के 6 अधिकारी निलंबित करने के निर्देश

