यूपी फतह के लिए अखिलेश का मास्टरस्ट्रोक, फूलन देवी की बहन रुक्मणी निषाद को सौंपी महिला सभा की कमान
Lucknow News: उत्तर प्रदेश की सियासी बिसात पर समाजवादी पार्टी ने अपना एक और बड़ा पत्ता खोल दिया है। 2027 के विधानसभा चुनाव यानी यूपी महासमर से पहले अखिलेश यादव ने अपने PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले को धार देते हुए पूर्व सांसद और बैंडिट क्वीन के नाम से मशहूर फूलन देवी की बड़ी बहन, रुक्मणी निषाद को एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।
रुक्मणी निषाद को समाजवादी महिला सभा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को केवल एक नियुक्ति नहीं, बल्कि यूपी के निषाद वोट बैंक को अपने पाले में करने की एक सोची-समझी रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
सोशल मीडिया पर बधाइयों का तांता
बुधवार दोपहर जैसे ही रुक्मणी देवी की नियुक्ति की खबर आई, सपा समर्थकों ने सोशल मीडिया पर खुशी का इजहार करना शुरू कर दिया। कार्यकर्ताओं का मानना है कि रुक्मणी देवी के आने से न केवल महिला विंग को मजबूती मिलेगी, बल्कि जमीनी स्तर पर महिलाओं के सशक्तिकरण और उनके मुद्दों को उठाने में भी मदद मिलेगी।
भाजपा और निषाद पार्टी को जवाब
यूपी की राजनीति में निषाद बिरादरी कई सीटों पर हार-जीत तय करने की ताकत रखती है। फिलहाल भाजपा और उसकी सहयोगी निषाद पार्टी इस वोट बैंक पर अपनी पकड़ बनाए हुए है। हाल ही में संजय निषाद की पार्टी ने गोरखपुर में बड़ी रैली कर अपनी ताकत दिखाई थी। अब अखिलेश यादव ने रुक्मणी निषाद को आगे कर सीधा संदेश दिया है कि सपा भी इस रेस में पीछे नहीं है।
कौन हैं रुक्मणी निषाद
रुक्मणी देवी जालौन जिले के शेखपुर गुढ़ा की रहने वाली हैं। वह लंबे समय से सामाजिक कार्यों में सक्रिय रही हैं और हाल ही में औपचारिक रूप से समाजवादी पार्टी का हिस्सा बनी थीं। पार्टी सूत्रों की मानें तो उनकी छवि एक संघर्षशील महिला की है, जिसका फायदा पार्टी को आगामी चुनावों में मिलेगा।
Also Read: Siddharthnagar News: 25 हजार का इनामी गैंगस्टर अकबर उर्फ गुठे गिरफ्तार, पुलिस ने घेराबंदी कर दबोचा

