Varanasi News: 50 हजार का इनामी मनीष यादव चढ़ा STF के हत्थे, मर्डर केस में चल रहा था फरार
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की फील्ड इकाई वाराणसी ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 50 हजार रुपये के इनामी अपराधी मनीष यादव उर्फ महादेव को महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार किया है। मनीष यादव वाराणसी के बड़ागांव थाना क्षेत्र में हुए चर्चित समीर सिंह हत्याकांड में वांछित था और घटना के बाद से ही पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था।
क्या था मामला?
गिरफ्तार अभियुक्त मनीष यादव एक दुस्साहसिक और मनबढ़ किस्म का अपराधी है। वारदात की शुरुआत 25 दिसंबर 2025 को हुई थी। बड़ागांव के दयालपुर के पास अभिषेक यादव और रामू यादव की मोटरसाइकिल वहां खड़े कुछ लोगों से टकरा गई थी।
इसी मामूली बात पर विवाद इतना बढ़ा कि हमलावरों ने रामू यादव को गोली मार दी। शोर सुनकर बीच-बचाव करने आए समीर सिंह को भी बदमाशों ने गोली मार दी, जिससे उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई। इस मामले में पुलिस 5 अभियुक्तों को पहले ही जेल भेज चुकी थी, लेकिन मनीष यादव फरार था, जिस पर वाराणसी पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
पुणे में एसटीएफ की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’
एसटीएफ वाराणसी के पुलिस उपाधीक्षक शैलेश प्रताप सिंह के पर्यवेक्षण में निरीक्षक अमित श्रीवास्तव की टीम लगातार मनीष की लोकेशन ट्रैक कर रही थी। मुखबिर से सूचना मिली कि मनीष यादव पुणे के हिंजवड़ी थाना क्षेत्र के मानगांव में छिपा हुआ है। उपनिरीक्षक अंगद सिंह यादव और विनय मौर्या के नेतृत्व में टीम पुणे भेजी गई, जिसने घेराबंदी कर शातिर अपराधी को दबोच लिया।
अपराधिक इतिहास
मनीष यादव पर वाराणसी के चौबेपुर और बड़ागांव थानों में गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।
चौबेपुर थाना: मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी (मु0अ0सं0 451/2023)।
चौबेपुर थाना: बलवा और मारपीट की धाराओं में एक अन्य मुकदमा (मु0अ0सं0 769/2025)।
बड़ागांव थाना: हत्या और हत्या के प्रयास का मुख्य मामला (मु0अ0सं0 525/2025)।
एसटीएफ अब अभियुक्त मनीष यादव को स्थानीय न्यायालय पुणे के समक्ष प्रस्तुत कर ट्रांजिट रिमांड पर वाराणसी लाने की वैधानिक कार्यवाही कर रही है।
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